खामोश हुई सुरों की जादुई दुनिया, आशा भोसले को राष्ट्रपति, PM मोदी, CM योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली/ लखनऊ : दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनका अंतिम संस्कार कल किया जायेगा। आशा भोसले के निधन से संगीत जगत से लेकर राजनीतिक जगत तक में शोक की लहर व्याप्त है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को प्रख्यात पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इससे संगीत जगत में खालीपन आ गया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रतिष्ठित गायिका के रूप में उनके शानदार करियर ने भारत में संगीत के एक युग को परिभाषित किया। भोसले का 92 वर्ष की उम्र में रविवार को निधन हो गया। उनकी पोती जनाई भोसले ने बताया कि सीने में संक्रमण और कमजोरी के कारण उन्हें शनिवार शाम मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राष्ट्रपति ने कहा, ''आशा भोसले जी के निधन से संगीत जगत में खालीपन आ गया है। प्रख्यात गायिका के रूप में उनके शानदार करियर ने भारत में संगीत के एक युग को परिभाषित किया।'' उन्होंने कहा कि उनके पास भोसले के साथ व्यक्तिगत रूप से हुई बातचीत की सुखद यादें हैं। राष्ट्रपति ने कहा, ''उन्होंने एक कलाकार और एक व्यक्ति के रूप में अपनी शर्तों पर अपना जीवन जिया। अपनी मधुर और सदाबहार आवाज से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया।'' मुर्मू ने कहा, ''उनका संगीत अमर रहेगा। उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मैं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।''
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने महान गायिका आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। श्री राधाकृष्णन ने रविवार को अपने शोक संदेश में कहा, "महान गायिका आशा भोसले जी के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी संवेदनाएं।" उन्होंने कहा कि आशा भोसले की बहुमुखी आवाज ने उन्हें विभिन्न संगीत शैलियों में सहज रूप से पारंगत बनाया, जिसमें ग़ज़ल और भजन जैसी विधाएं भी शामिल हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनकी अमर आवाज और संगीत विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी और करोड़ों लोगों के दिलों में गूंजती रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान गायिका के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये कहा है कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी प्रतिभा की धनी शख्सियतों में से एक, आशा भोसले के निधन से अत्यंत दुखी हूं, वह पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत लोगों के जीवन में हमेशा गूंजते रहेंगे, उनकी दशकों की असाधारण संगीतमय यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ।
https://twitter.com/narendramodi/status/2043249380594184354
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आशा भोसले का निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है और उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत की सुर साम्राज्ञी आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है। पार्श्व गायिका के रूप में उन्होंने हज़ारों फ़िल्मों एवं संगीत एल्बम्स में अपनी आवाज़ दी। उनके गाए हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी। आशा भोसले जी का निधन संगीत और जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।"
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा से भारतीय संगीत को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया और अनेक फिल्मों व गीतों को अमर बनाया। गडकरी ने कहा, "भारतीय संगीत जगत की मशहूर और दिग्गज हस्ती गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहें है। उनका जाना भारत के संगीत क्षेत्र की अपरिमित क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा से आशा जी ने संगीत के क्षितिज पर अपनी एक अलग पहचान बनायी। नया दौर, तीसरी मंज़िल, हरे रामा हरे कृष्णा, उमराव जान के साथ साथ इजाज़त और रंगीला जैसे वक़्त और पीढ़ियों के साथ बदलती कई मशहूर फिल्में और गीत आशा जी ने अपने स्वर से अमर किए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति।"
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आशा भोसले की मधुर आवाज और बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया तथा उन्होंने कई भाषाओं और शैलियों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। शाह ने कहा, "आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुःखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध कियाआशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी। उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं। आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी।" भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले करोड़ों भारतीयों के दिलों की आवाज थीं और उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा, "यह बहुत दुखद है। वह भारत के करोड़ों लोगों के दिलों की आवाज़ थीं। एक मधुर आवाज़, जिसने देश के सुख-दुख को व्यक्त किया... उनका निधन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह एक अपूरणीय क्षति है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मशहूर गायिका आशा भोसले के निधन को अत्यंत दुखद और कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''भारतीय संगीत जगत की स्वर साम्राज्ञी, महान संगीत कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले जी का निधन बहुत दुखद घटना है और कला की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। गायन में उनकी बेमिसाल कला ने भारतीय संगीत को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी सुरीली आवाज इस देश के लोगों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।'' आदित्यनाथ ने कहा, ''मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को यह बहुत बड़ा दुख सहने की ताकत दें। ओम शांति!''
