उत्तरायणी कौथिग : आकर्षण का केंद्र बने लोकगायक चन्द्र प्रकाश, लखनऊ में गूंजे गायक के सुर

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार। गोमती तट स्थित पं. गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में चल रहे उत्तरायणी कौथिग के 8वें दिन उत्तराखंड से आए मशहूर लोकगायक चन्द्रप्रकाश के लोकगीतों का जादू लोगों के सर चढ़कर बोला। उन्होंने मैं जांछू कमला काली गंगा पारा..., सोला सोल्यानी त्यार गाला जंजीरा..., तिलगा तेरि लम्बी लटी टसरा फुन..., कां हराई आज म्यार पहाड़ रीत रिवाज... जैसे लोकगीतों से कौथिग में समा बांध दिया।

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पर्वतीय महापरिषद के महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि कुछ साल पहले तक उत्तराखंड की सुदूर घाटियों और जंगलों में गूंजती एक आवाज जब उत्तरायणी कौथिग के आयोजकों के कानों तक सुनाई दी तब उस गायक को ढूंढ कर लखनऊ के कौथिग मंच तक लाया गया। जब इस गायक के सुर लखनऊ में गूंजे तब उसकी धमक उत्तराखंड में सुनाई दी और सम्पूर्ण उत्तराखंड में चन्द्र प्रकाश के नाम से वह लोकगायक प्रसिद्ध हुआ। तब से अब तक 13 वर्षों से चन्द्र प्रकाश लगातार कौथिग मंच से अपनी प्रस्तुतियां देकर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में क्षेत्रीय शाखाओं की नृत्य प्रस्तुतियां, झोड़ा प्रतियोगिताएं जिसमें पंतनगर से सुधा चंदोला, इन्दिरा नगर से दीपा पाण्डेय एवं सोनू जोशी के निर्देशन में झोड़ा टीमों ने भाग लिया। इसके बाद पहाड़ी धुनों पर देशी ठुमका एवं छपेली प्रतियोगिता झूमिगो सीजन 4 हुई। इस प्रतियोगिता में ख्याली सिंह के निर्देशन में पर्वतीय महापरिषद की गोमती नगर शाखा, राजेंद्र सिंह बिष्ट के निर्देशन में रामलीला समिति तेलीबाग, चित्रा कांडपाल के निर्देशन में महिला प्रकोष्ठ शाखा गोमती नगर, नीलम जोशी के निर्देशन में माही वेलफेयर सोसाइटी शक्ति नगर ने भाग लिया। निर्णायक मंडल के फैसले के बाद प्रतियोगिता पहाड़ की आवाज के दूसरे राउंड में बबली भंडारी, विनीता तिवारी, बलवंत वाणगी, दिव्यांशु जोशी एवं हेमा पंचवाल को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हल्द्वानी उत्तराखंड से आए म्यूजिकल ग्रुप के संजय देवली (ढोलक), कल्याण बोरा (कीबोर्ड), उमेश चन्द्र (बांसुरी), अमित पाण्डेय (तबला) एवं विनोद बेलवाल (आक्टोपैड) पर संगत कर रहे थे। लोकगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका माधो सिंह भण्डारी का मंचन दमयंती नेगी के निर्देशन में किया गया। मिस उत्तरायणी निधि आर्या, मिस्टर उत्तरायणी शशांक सक्सेना को पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश जोशी व युवा प्रकोष्ठ के वीरेन्द्र आर्या द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में आए दिल्ली के विधायक मोहन सिंह बिष्ट को मंजू शर्मा, बीना रावत, विशन दत्त जोशी, हरीश कांडपाल द्वारा पुष्पगुच्छ, देवी दत्त नरियाल, केएन पाण्डेय, जितेन्द्र उपाध्याय द्वारा अंगवस्त्र, महेंद्र सिंह मेहता, कैलाश, आनन्द कपकोटी, रमेश उपाध्याय द्वारा शीश आभूषण टोपी पहनाकर व विशिष्ट अतिथि ओंकार सिंह को गोपाल गैलाकोटी, सुरेश चंदोला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर, ख्याली सिंह, शंकर पाण्डेय, गोविन्द बोरा ने अंगवस्त्र पहनाकर, आनन्द कपकोटी, रमेश उपाध्याय ने शीश आभूषण पहनाकर, कमल नेगी, उमेद सिंह, ज्ञान पंत व के सी पंत ने प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

शाम के सत्र में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। इस मौके पर नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विनीत साह को पद्मश्री प्रोफेसर एमसी पंत चिकित्सा सम्मान से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान पर्वतीय महापरिषद द्वारा प्रत्येक वर्ष अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कैंसर रोग विशेषज्ञ पद्मश्री प्रो. एमसी पंत के चिकित्सा एवं सामाजिक सेवा के आदर्शों को समर्पित है।

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