सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत केस में बड़ा एक्शन, लोटस ग्रीन-विजटाउन समेत 3 बिल्डरों पर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन का आरोप, दर्ज हुई दूसरी FIR
नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में जलभराव वाले एक बड़े गड्ढे के संबंध में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोपों में पांच बिल्डर के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है, इसी गड्ढे में गिरने से 16 जनवरी को सॉफ्टवेयर की मौत हो गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। इंजीनियर की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच बृहस्पतिवार को तीसरे दिन जारी रहने के बीच यह प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, बुधवार को नॉलेज पार्क थाने में अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अंचल बोहरा और निर्मल कुमार के खिलाफ पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धाराएं 24 और 43, तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता विजय कुमार गौतम ने बताया कि थाना नॉलेज पार्क में तैनात उपनिरीक्षक रीगल कुमार की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई।
शिकायत में कहा गया कि उन्होंने 20 जनवरी को गश्त के दौरान सेक्टर-150 स्थित भूखंड संख्या एससी-020/ए-3 में एक बहुत बड़ा गड्ढा पाया जिसमें कई वर्षों से पानी भरा हुआ था और पानी प्रदूषित होकर कीचड़ जैसा हो गया था, जिससे वायु प्रदूषण फैल रहा था और सुरक्षा एवं स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था। शिकायत में कहा गया कि गड्ढे के चारों ओर कोई सुरक्षा प्रबंध या संकेतक नहीं लगाया गया और यह सड़क के काफी समीप है।
उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि यह भूखंड 2024 में 'लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड' को आवंटित किया गया था और वर्ष 2020 में इसे 'विजटाउन' ने खरीदा। अभी भी इस संपत्ति में लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन का कुछ हिस्सा है। ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने कहा, "पांच बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है; जांच जारी है।"
पुलिस ने बताया कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के पिता की शिकायत पर 'एमजेड विजटाउन प्लानर्स' और 'लोटस ग्रीन्स' के खिलाफ लापरवाही, गैर इरादतन हत्या और जान को खतरे में डालने से संबंधित प्रावधानों के तहत 18 जनवरी को पहली प्राथमिकी दर्ज की थी। अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने नोएडा प्राधिकरण के सिविल, परियोजना और यातायात प्रकोष्ठ सहित विभिन्न विभागों से सेक्टर-150 में किए गए कार्यों का विवरण मांगा है।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर इंजीनियर की मौत हुई, उसके आसपास किए गए कार्यों का विशेष रूप से विवरण उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। एसआईटी प्रमुख एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने निरीक्षण के पहले दिन पत्रकारों से कहा था कि तीन सदस्यीय टीम को शनिवार तक सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने मंगलवार को 'एमजेड विजटाउन प्लानर्स' के निदेशक अभय कुमार को गिरफ्तार किया और बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
