UP: ईरान-इजराइल जंग से हैंडीक्राफ्ट कारोबारियों में चिंता, लड़ाई लंबी खिची तो होगा नुकसान
संभल, अमृत विचार। ईरान और इज़राइल के बीच जंग का असर निर्यात पर भी पड़ने के आसार नजर आ रहे हैं। संभल में हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े लोग चिंतित हैं। कारोबारियों ने आशंका जताई है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो काफी असर पड़ेगा।
संभल हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष ताहिर सलामी ने बताया कि हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों में होने वाला निर्यात प्रभावित होना तय है। अमेरिका भारतीय हैंडीक्राफ्ट के लिए एक बड़ी मंडी है, जबकि खाड़ी देशों में भी बड़े पैमाने पर उत्पाद भेजे जाते हैं। युद्ध का दायरा बढ़ने पर ऑर्डर होल्ड या रद्द होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
दिल्ली में फरवरी माह में आयोजित बड़ी हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी के सकारात्मक नतीजों की उम्मीद की जा रही थी। यही वह समय था जब विदेशी खरीदार नए ऑर्डर कन्फर्म करते हैं, लेकिन जंग शुरू होने से उनके फैसले अटक सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर नए ऑर्डर नहीं आए तो जैसे ही पुराना काम पूरा होगा, कई यूनिटों को ताला लगाना पड़ सकता है। संभल में 30 हजार से ज्यादा कारीगर सीधे तौर पर इस उद्योग से जुड़े हैं।
बढ़ती लागत, महंगी बिजली और कच्चे माल के दाम पहले ही उद्योग पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता से स्थिति और गंभीर हो सकती है। ताहिर सलामी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कारीगरों को बिजली पर विशेष सब्सिडी दी जाए, ताकि उत्पादन लागत को नियंत्रित किया जा सके। उनका कहना है कि वैकल्पिक बाजार तलाशना आसान नहीं होता और नए खरीदारों तक पहुंचने में महीनों लग जाते हैं।
