Moradabad:होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन जटिलता में उलझे परीक्षार्थी
मुरादाबाद, अमृत विचार। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को पहली पाली में 76.57 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। कुल 12,432 अभ्यर्थियों में से 9,519 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2,913 अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में छात्रों की 77.57 प्रतिशत दर्ज की गई है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 12,432 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 9,643 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2,789 अनुपस्थित रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 9:30 बजे से अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया,जहां पुलिस जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर आए अधिकांश छात्रों के चेहरे खिले थे, तो कुछ के चेहरे लटके मिले। कई परीक्षार्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र में सवालों को देखकर लगा कि परीक्षा होमगार्ड भर्ती की न होकर दरोगा भर्ती का हो। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के बीच प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ परीक्षार्थियों ने बताया कि होमगार्ड की परीक्षा के लिए बनाया प्रश्न पत्र अपेक्षा से अधिक कठिन था। प्रश्नों का स्तर काफी ऊंचा था और कई सवाल घुमावदार थे।
विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम (फेरा),1973 के स्थान पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) किस वर्ष में किया गया था ऐसे कठिन सवाल का होमगार्ड परीक्षा के लिए नहीं होने थे। यह परीक्षा होमगार्ड की बजाय दरोगा (एसआई) भर्ती जैसी प्रतीत हो रही थी। परीक्षा के 100 सवालों के 100 अंक दिए गए थे। परीक्षा बहुविकल्पीय ओएमआर शीट प्रश्न पत्र के उत्तर देने के लिए गई थी। निगेटिव मार्किंग न होने के कारण अधिकांश परीक्षार्थियों ने सभी सवाल हल किया। विशेष रूप से सामान्य ज्ञान और तर्कशक्ति से जुड़े प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाए रखा।
वहीं दूसरी ओर कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा को संतुलित मानते हुए कहा कि प्रश्न सिलेबर्स के अनुरूप आया। उनके अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने अच्छी तैयारी की थी, उनके लिए पेपर आसान रहा और यह एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है। प्रशासन की ओर से परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई।
