सूखा आशंका के बीच अलर्ट मोड में योगी सरकार, सिंचाई और राहत प्रबंधन को लेकर दिए सख्त निर्देश
-हर जिले में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने के निर्देश -किसानों के हित सर्वोपरि, टेल एंड तक पानी पहुंचाने और वैकल्पिक इंतजाम पुख्ता करने पर जोर
लखनऊ, अमृत विचार: भीषण गर्मी और सामान्य से कम वर्षा की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में पेयजल, सिंचाई और राहत प्रबंधन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभाग अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। 30 मई तक हर हाल में डी-सिल्टिंग पूरी करें।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। पाइप्ड जल योजनाओं के साथ टैंकर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं। साथ ही शासन से लेकर जनपद स्तर तक 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहें और नियमित सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और डीजीपी तक पहुंचती रहे।
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए नहरों, तालाबों और पोखरों की डी-सिल्टिंग 30 मई तक हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल जल संचयन बढ़ेगा, बल्कि सिंचाई व्यवस्था भी मजबूत होगी। तालाबों से निकली मिट्टी को प्रजापति समाज और पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि जल संरक्षण के साथ आजीविका के अवसर भी सृजित हों। गर्मी से बचाव के लिए अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और लू से निपटने की तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पशुधन के लिए पानी, चारा और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को और सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया, ताकि मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर किसानों और आमजन तक पहुंच सकें। साथ ही आपदा की स्थिति में 19 हजार से अधिक प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ की सेवाएं लेने के निर्देश दिए गए हैं।
सूखा घोषित करने की प्रक्रिया भी तैयार
मुख्यमंत्री ने पूर्व में सूखा प्रभावित रहे 18 जिलों में विशेष निगरानी रखने और 15 जून से 30 जुलाई के बीच स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर समयबद्ध तरीके से सूखा घोषित करने और राहत कार्य शुरू करने को कहा गया है।
किसानों के लिए विशेष निर्देश
किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी नलकूपों को क्रियाशील रखने, समय पर मरम्मत और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने टेल फीडिंग के जरिए अंतिम छोर तक सिंचाई पानी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया, ताकि किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न हो। इसके साथ ही अनुदानित बीज वितरण, फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ये भी पढ़े :
Noida International Airport : जेवर से 15 जून से उड़ेगी कमर्शियल फ्लाइट, इंडिगो भरेगी पहली उड़ान
