कानपुर : सिविल डिफेंस के वालिंटियर रहे मुस्तैद, होमगार्ड परीक्षा में बाहर से आए अभ्यर्थियों को सेंटर तक पहुंचाया

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर। कानपुर में शनिवार को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान बाहर से आए सैकड़ों अभ्यर्थियों के लिए सिविल डिफेंस के वालिंटियर किसी सहारे से कम नहीं दिखे। शहर के प्रमुख चौराहों और स्टेशन-बस अड्डों पर तैनात वालिंटियरों ने न सिर्फ रास्ता भटके परीक्षार्थियों को सही दिशा दिखाई, बल्कि कई को खुद अपनी स्कूटी और ई-रिक्शा से समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।

चीफ वार्डन सिविल डिफेंस के निर्देशन में परीक्षा की दो पालियों सुबह सात से 10 बजे तथा अपराह्न 12 से 03 बजे तक के लिये कुल 144 वार्डेन तैनात किए गए, जबकि 35 वार्डेन रिजर्व में रखे गए। प्रत्येक 08 से 10 वार्डेन पर दो सीनियर वार्डेन को प्रभारी बनाया गया, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह नियंत्रित रहीं।

टाट मिल चौराहा, रावतपुर रेलवे स्टेशन, फजलगंज चौराहा, विजय नगर चौराहा, बड़ा चौराहा, रामादेवी चौराहा, झकरकट्टी बस अड्डा, सेंट्रल स्टेशन घंटाघर साइड और कैंट साइड जैसे प्रमुख स्थानों पर तैनात वालिंटियरों ने अभ्यर्थियों को निरंतर सहायता प्रदान की। कई अभ्यर्थी ऐसे भी मिले जो पहली बार शहर आए थे और परीक्षा केंद्र को लेकर असमंजस में थे, जिन्हें वालिंटियरों ने तुरंत सहयोग देकर राहत पहुंचाई।

वालिंटियरों ने अभ्यर्थियों को पेयजल उपलब्ध कराया, स्टेशनरी सामग्री खरीदने में मदद की और समय की कमी से जूझ रहे परीक्षार्थियों को तेजी से उनके केंद्र तक पहुंचाया। उनकी इस सक्रियता से अभ्यर्थियों को भोजन, पानी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और परीक्षा व्यवस्था बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से संचालित होती रही।

चीफ वार्डन राजीव सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रही और इसी उद्देश्य से पूरे शहर में सुनियोजित तैनाती की गई। सिविल डिफेंस के इस प्रयास ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती दी, बल्कि शहर में सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश की।

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