माइनस मार्किंग मुद्दा गरमाया, कॉलेजों ने भी जताई आपत्ति... अवध विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र बुलाएगा परीक्षा समिति की बैठक
अयोध्या, अमृत विचार : अवध विश्वविद्यालय में माइनस मार्किंग के मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक बीए, बीएससी, बीकॉम तथा स्नातकोत्तर एमए, एमएससी आदि के द्वितीय, चतुर्थ एवं षष्ठ सेमेस्टर की परीक्षाओं में पहली बार 1/3 अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू करने का फैसला लिया था। इस कदम का सम्बद्ध महाविद्यालयों ने भी तीखा विरोध जताया है।
छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि अचानक नेगेटिव मार्किंग लागू करने से परीक्षार्थियों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा। कई सम्बद्ध कॉलेजों ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है और इसे छात्रहित के विरुद्ध बताया है। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने भी माइनस मार्किंग पर पुनर्विचार की मांग की है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक विनय कुमार सिंह ने मामले पर विचार के लिए परीक्षा समिति की बैठक बुलाई है। सूत्रों के अनुसार, यदि सप्ताह भर के अंदर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी सेमेस्टर परीक्षाएं प्रभावित हो सकती हैं। वहीं छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि माइनस मार्किंग पर अड़े रहे तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द स्पष्ट नीति घोषित करने की बात कह रहा है।
