यूपी में 34 हजार मेगावाट बिजली आपूर्ति की तैयारी, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत
लखनऊ, अमृत विचार : भीषण गर्मी के बीच प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष पीक (अत्यधिक गर्मी के दौरान) मांग को ध्यान में रखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार की है।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर के बीच बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि होती है। इस वर्ष जून में पीक डिमांड 33,375 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि मई और जुलाई में यह 31 से 32 हजार मेगावाट के बीच रह सकती है। इसे देखते हुए सभी नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चालू कर दिया गया है। घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर परियोजनाओं से उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि घाटमपुर की तीसरी यूनिट 30 अप्रैल तक चालू हो जाएगी, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी।
एमओयू और बिजली एक्सचेंज से पूरी होगी अतिरिक्त मांग
पंकज कुमार (यूपीपीसीएल) के एमडी ने बताया कि पीक आवर्स में करीब 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से किए गए लांग टर्म एमओयू के जरिए पूरी की जाएगी। वहीं शेष मांग पूरा करने को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज, पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान पावर एक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म से खरीदी जाएगी। इसके अलावा अन्य राज्यों के साथ 4,663 मिलियन यूनिट बिजली की बैंकिंग व्यवस्था भी की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, वहीं स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
