Moradabad:एआई से ट्रैक होगी राशन वितरण की गाड़ियां, हेरफेर पर लगेगी रोक

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Published By Monis Khan
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विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनाने के लिए अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सिस्टम लागू किया जा रहा है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग इस तकनीक के जरिए खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया में सुधार के साथ ही राशन वितरण की गाड़ियों की ट्रैकिंग कर एआई तकनीक से वाहनों की निगरानी की जाएगी। साथ ही कोटेदारों की दुकानों पर राशन वितरण की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।

जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत सरकारी कोटे की दुकानों के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्यान्न योजना के अन्तर्गत पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय कार्ड धारक 5:5 लाख से अधिक लाभार्थियों को पारदर्शिता के साथ खाद्यान्न गेहूं, चावल, चीनी आदि का वितरण किया जाता है। इस महत्वपूर्ण कार्य की सटीक निगरानी व राशन की चोरी रोकने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आधारित प्रणाली का प्रयोग किया जा रहा है। एआई से राशन वितरण की गाड़ियों की ट्रैकिंग के अलावा वितरण की मानीटरिंग भी की जानी है। विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कोटेदारों की दुकान पर वितरण प्रणाली में सुधार के लिए टेक्नोलॉजी के प्रयोग से पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें डिजिटल तौल मशीनों (ई-पाश) के माध्यम से वास्तविक समय (रियल टाइम) का डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा।


ये रहेगा निगरानी का तरीका
रियल-टाइम मॉनीटरिंग- राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एआई तकनीक के प्रयोग से डिजिटल तौल मशीनों (ई-पॉश) के माध्यम से वास्तविक समय (रियल टाइम) का डेटा सीधे सर्वर पर अपलोड होगा, जिससे अनाज के वजन में हेरफेर की संभावना कम हो जाएगी।

अनाज चोरी और लीकेज पर रोक: एआई सिस्टम की मदद से राशन की चोरी और अनियमितताओं को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। यदि अनाज का वजन कम होता है, तो इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को मिल जाएगी।

उन्नत पहचान प्रणाली: फिंगरप्रिंट मैच न होने की स्थिति में, फेस रिकग्निशन और आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के माध्यम से वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी।

स्मार्ट आपूर्ति श्रृंखला (अन्न चक्र): एआई आधारित अन्न चक्र और डिपो दर्पण जैसे नवाचारों का उपयोग करके यह सुनिश्चित होगा कि अनाज सही समय पर सही स्थान तक पहुंचे।

पारदर्शिता और जवाबदेही: डीएफपीडी और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के सहयोग से एआई-संचालित समाधानों से खाद्यान्न वितरण में दक्षता बढ़ने से जवाबदेही सुनिश्चित उद्देश्य है।

जिले में राशन की दुकानें और उपभोक्ता
मुरादाबाद जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की 1223 राशन की दुकानें हैं। जिनके द्वारा पात्र गृहस्थी और अन्त्योदय कार्ड धारकों सहित कुल साढ़े पांच लाख उपभोक्ताओं को गेहूं, चावल, चीनी आदि का वितरण किया जाता है।

जिलापूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी, सटीक और जवाबदेह बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सिस्टम का प्रयोग महत्वपूर्ण है। इसके जरिए खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और वितरण प्रक्रिया में सुधार के साथ ही राशन वितरण की गाड़ियों की ट्रैकिंग और जीपीएस लगे वाहनों की निगरानी की जाएगी। कोटेदारों की दुकानों पर राशन वितरण की रियल टाइम निगरानी होगी। इससे अनाज के वजन में हेरफेर की संभावना कम होने के साथ ही अनाज चोरी और लीकेज पर रोक लगेगी।

 

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