Bareilly: तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजना से बदलेगा ट्रांसपोर्ट और व्यापार का स्वरूप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी रेलवे परियोजना का सीधा लाभ अब नाथ नगरी को मिलने जा रहा है। कैबिनेट कॉमिटी ऑन ईकोनामिक्स अफेयरर्स की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंजूर 24,815 करोड़ रुपये की योजना में गाजियाबाद-सीतापुर तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना बरेली के विकास को नई दिशा देगी। इससे व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

बता दें कि करीब 403 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड का अहम हिस्सा बरेली और इज्जतनगर मंडल क्षेत्र से होकर गुजरता है। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों का दबाव 168 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, जिससे यात्रियों को देरी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। नई लाइनें बनने से यह दबाव कम होगा और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु व समयबद्ध हो सकेगी। परियोजना के तहत बरेली समेत प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ कम करने के लिए बाईपास लाइन विकसित की जाएगी और नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे। 

इससे लंबी दूरी की ट्रेनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से बाहर संचालित किया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। औद्योगिक दृष्टि से यह परियोजना बरेली के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। यहां के फर्नीचर, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग उद्योग को तेज और सस्ती माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी। अनुमान है कि इस रूट पर 35.72 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा, जिससे व्यापार को नई गति मिलेगी। 

पर्यटन क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहेगा। बरेली से जुड़े धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। रेलवे के अनुसार, इस परियोजना से हर साल करीब 2,877 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक लागत में बचत होगी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। निर्माण कार्य के दौरान रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

 

संबंधित समाचार