मुनाफाखोरी  : कामर्शियल सिलेंडर 3000 रुपये तक पहुंचा, कृत्रिम किल्लत बनाकर कालाबाजारी 

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। खाड़ी देशों में हुए युद्ध के चलते पिछले दिनों घरेलू और व्यावसायिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी, जिससे आम लोगों के साथ-साथ व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि अब होर्मुज मार्ग से भारत के लिए गैस लेकर आने वाले जहाजों का आवागमन सुचारू होने के बाद स्थिति में काफी सुधार हुआ है। सरकार भी पर्याप्त गैस उपलब्ध होने का दावा कर रही है। लेकिन अब हालात सामान्य होने के बावजूद बाजार में मुनाफाखोरी का खेल जारी है।

गैस एजेंसियों द्वारा कृत्रिम किल्लत पैदा कर मुनाफाखोरी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। कैटरर नितिन वार्ष्णेय ने बताया कि कामर्शियल गैस सिलेंडर, जिसकी कीमत सामान्यतः निर्धारित दरों के आसपास रहती है, वह अब 2700 से 3000 रुपये तक बेचा जा रहा है। इससे होटल, ढाबा संचालक और अन्य व्यवसायी परेशान हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी संचालक जानबूझकर सिलेंडरों की सप्लाई रोककर ऊंचे दामों पर बिक्री कर रहे हैं। 

कई जगहों पर सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद ग्राहकों को स्टॉक खत्म होने का हवाला दिया जा रहा है। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में मांग के अनुरूप गैस की आपूर्ति हो रही है और किसी प्रकार की वास्तविक किल्लत नहीं है। कहा कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या एजेंसियों द्वारा सिलेंडर होल्ड करने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गैस संकट का असर शादियों पर, कैटरर्स बदल रहे मेन्यू
गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों का असर अब शादी-विवाह समारोहों पर भी साफ दिखने लगा है। कैटरर्स गैस की अधिक खपत वाले व्यंजनों को कम कर रहे हैं और ऐसे आइटम मेन्यू में शामिल कर रहे हैं, जो कम गैस में तैयार हो सकें या गैस पर निर्भर न हों। कैटरर अमन राज ने बताया कि एक शादी समारोह में औसतन 10 से 20 व्यावसायिक सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में बढ़ती कीमतों के चलते कैटरर्स अब आयोजकों के साथ नई शर्तों पर डील कर रहे हैं, जिससे शादी का बजट भी प्रभावित हो रहा है।

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