राम मंदिर के 60 अर्चकों के लिए आए 500 आवेदन, नया प्रशिक्षण शुरू, निर्धारित शर्त को पूरा करने वाले वालों का होगा चयन
अयोध्या, अमृत विचार । राममंदिर में 60 नए अर्चकों की आवश्यकता के अनुसार नया प्रशिक्षण वर्ग प्रारंभ के दिया गया है। इसके लिए छह माह पूर्व प्राप्त आवेदन की जांच की जा रहा है। इसमें अयोध्या निवासी आवेदनकर्ता को वरीयता मिलेगी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के धार्मिक समिति के माध्यम से निर्धारित शर्त को पूरा करने वालों का चयन किया जाएगा।
राम मंदिर परिसर में राम मंदिर के भूतल पर रामलला और प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है। परकोटा में छह देवी-देवताओं की भी प्रतिष्ठा कराई गई है। इसके अलावा कुबेर टीला, शेषावतार मंदिर और ऋषि मुनियों के मूर्तियों को भी स्थापित कर दिया गया है। जहाँ पुजारियों का दल अलग-अलग स्थान पर पूजन-अर्चन और अन्य परम्पराओं को पूरा करेंगे। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अर्चकों को भर्ती करने के लिए छह माह का प्रशिक्षण वर्ग शुरू किया है। जिसमें चयनित अभ्यार्थियों को आचार्यों की टीम रामानंदीय परंपरा के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा गठित धार्मिक समिति के सदस्य गोपाल जी राव ने बताया कि सभी मंदिर खोल दिए गए हैं। इसके लिए अभी 60 और अर्चक चाहिए। वर्तमान में 30 लोग ही तैनात है। इसलिए नए लोगों को ट्रेनिंग देने की योजना बनी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में ही आवेदन मांगे गए थे। जिसमें अयोध्या, काशी, बस्ती, प्रयागराज समेत अवध क्षेत्र के करीब 500 लोगों ने आवेदन किया है। अब पत्रावलियों की जांच की जा रही है। धार्मिक समिति अर्चकों का चयन कर साक्षात्कार के लिए बुलायेगी। साक्षात्कार के बाद चयनित 60 अर्चकों को छह माह तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
