फूड प्रोसेसिंग उद्योग का हब बन रहा यूपी, PMFME की 114 यूनिट्स में हो रह उत्पादन 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) उद्योग का हब बनाने की कोशिशें जारी हैं। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी, एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) स्कीम इसमें दम भरेगी। इस सबके बीच अच्छी खबर ये है कि राज्य में  'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना' (PMFME) के अंतर्गत 114 फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स संचालित हो चुकी हैं। हर महीने औसतन, 10 इकाईयां शुरू होने की उम्मीद है। 

यूपी में खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 के तहत निवेश और रोजगार की स्पीड बढ़ने लगी है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा के मुताबिक, अब तक 114 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां शुरू हो चुकी हैं। इससे करीब 400 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। 

फूड उत्पादन शुरू करने वाली इन इकाइयों को 183.37 करोड़ रुपये का सरकारी अनुदान दिया गया है। उन्होंने बताया कि नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। 

स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास हैं। जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। औद्योगिक उत्पादों को बड़ा मंच मिलेगा। अभी नमकीन, डेयरी, जूस, मसाले, बेकरी और फ्रोजन फूड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। करीब 29 इकाइयों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं, जिससे बिजली की लागत में बड़ी कमी से नए उद्योग संचालकों को काफी राहत मिल रही है। 

खाद्य प्रसंस्करण विभाग के मुताबिक, नई नीति के तहत 500 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जा चुके हैं और करीब 300 इकाइयां स्थापना की प्रक्रिया में हैं। इससे प्रदेश में रोजगार और निवेश दोनों को नई गति मिल रही है।

खास बात ये है कि राज्य सरकार ने यूपी को फूड प्रोसेसिंग का हब बनाने का लक्ष्य रखा है। कौशल विकास से लेकर एक जिला एक व्यंजन तक, इसमें बड़ी भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा नई खाद्य इकाईयां स्थापित करने पर राज्य सरकार की ओर से केवल अनुदान तक की सुविधा सीमित नहीं है, बल्कि हर स्तर पर सपोर्ट किया जा रहा है।

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