रायबरेली: नई पैकिंग में पुराना मसाला भरकर आम लोगों के जीवन से हो रहा था खिलवाड़, ऐसे हुआ खुलासा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, रायबरेली। नई पैकिंग में पुराना रद्दी मसाला भरकर आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जाता रहा है। यह धंधा बड़े पैमाने पर होता रहा है। मामले का खुलासा करीब चार साल बाद जांच में हुआ है। अब इसमें दो कंपनियों पर 15 लाख रुपए का जुर्माना किया गया है। यह कार्यवाही खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने किया है। 

ज्ञात हो कि 2 नवंबर 2018 को लखनऊ से मसाला लादकर प्रयागराज जा रहे एक वाहन को एफएसडीए की टीम ने जनपद के गंगागंज में पकड़ा था। जिसमें से ड्राई चिल्ली मसाला, ड्राई चिली टोमैटो मसाला और मैगी मसाला के नमूने भरे गए थे। इस नमूने की जांच रिपोर्ट में बड़ा सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

 बताया जाता है कि बड़ी कंपनियों के जो मसाले एक्सपायर हो जाते थे उन्हें कुछ व्यापारी, कंपनी कर्मचारियों से सांठगांठ करके हासिल कर लेते थे। फिर उन मसलों को ब्रांडेड कंपनी की नई पैकिंग में भरकर बाजार में बेचा जाता रहा है। एफएसडीए द्वारा पकड़ा गया मसाला लखनऊ के ओम ट्रेडर्स द्वारा नैनी, प्रयागराज श्रद्धा फूड्स ट्रेडर्स को भेजा जा रहा था। 

भरे गए नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब विभाग के अधिकारियों ने इन कंपनियों पर 15 लाख रुपए का जुर्माना किया है। एफएसडीए के अधिकारी ओम प्रकाश यादव ने बताया कि जुर्माना जारी करने के साथ ही कंपनियों के लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है।

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