केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को जेल बना दिया, उसकी संपत्ति बाहरी लोगों को बांट दी: महबूबा मुफ्ती

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को जेल बना दिया, उसकी संपत्ति बाहरी लोगों को बांट दी: महबूबा मुफ्ती

राजौरी/जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बृहस्पतिवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा और बाहरी लोगों को बिजली परियोजनाएं, भूमि, नीलमणि खदानें तथा जल संसाधन देकर स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने जम्मू-कश्मीर को एक ‘जेल’ में बदल दिया है, जहां बोलने की आजादी पर रोक लगा दी गई है और लोगों का दमन किया जा रहा है। मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणी को महज ‘‘वोट हासिल करने के लिए बयानबाजी’’ बताकर खारिज किया और कहा कि उनकी (शाह) पार्टी ने इस क्षेत्र की पहचान छीन ली है। 

मुफ्ती ने राजौरी में एक रोड शो के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भाजपा ने जम्मू-कश्मीर को जेल में बदल दिया है। यहां कोई भी खुलकर बात नहीं कर सकता। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोई भी खुश नहीं है। न तो जम्मू के डोगरा खुश हैं और न ही लद्दाख के बौद्ध, कश्मीर के लोगों के बारे में तो भूल ही जाइए, जो आतंकित हैं। भाजपा के शासनकाल में कोई विकास नहीं हुआ है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी संपत्तियां बेची जा रही हैं। बिजली परियोजनाएं, भूमि, रेत, नीलमणि खदानें, लीथियम भंडार और जल संसाधन बाहरी लोगों को दे दिए गए हैं। हमें महंगी बिजली मिलती है जबकि अधिकतम बिजली आपूर्ति हमारे संसाधनों से उत्पन्न होती है।’’ मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने से लाभ से ज्यादा नुकसान हुआ है। वह अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं और उनका मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवार मियां अल्ताफ अहमद से है। 

उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में कोई विकास नहीं हुआ। पिछले पांच वर्ष में जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक बेरोजगारी क्यों है?’’ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं यहां आपका वोट मांगने आई हूं ताकि मैं संसद में आपका प्रतिनिधित्व कर सकूं। कृपया 25 मई को अपने घरों से बाहर आएं और मेरे लिए वोट करें।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद, हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध एक साथ रहते हैं। ऐसा कोई राज्य नहीं है। यह हमारी विशिष्टता है। हमारी भाषाएं अलग हैं, पहनावा अलग है, लेकिन हम शांतिपूर्ण तरीके से एक साथ रहते हैं।’’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वंशवाद के आरोपों पर मुफ्ती ने कहा कि उनके पिता सिर्फ तीन साल के लिए मुख्यमंत्री रहे और वह सिर्फ दो साल के लिए मुख्यमंत्री रहीं। 

उन्होंने कहा, ‘‘यह कैसा वंशवादी शासन है? भाजपा तीन महीने तक मेरे दरवाजे पर हाथ जोड़कर क्यों खड़ी रही? कृपया उनसे पूछें।’’ राहुल गांधी और कांग्रेस को उनके समर्थन पर मुफ्ती ने कहा, ‘‘मैं सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं बल्कि एक बड़े मकसद के लिए उनके साथ हूं।’’

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