यूपी : स्वास्थ्य विभाग में डार्क रूम सहायक भर्ती घोटाला, मानव संपदा पोर्टल ने खोला फर्जीवाड़े की पोल
2016 की भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, एक नाम पर कई लोग कर रहे नौकरी
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2016 में हुई डार्क रूम सहायक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। खुलासा हुआ है कि एक ही नाम और पिता के नाम के आधार पर कई लोग अलग-अलग जिलों में नौकरी कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर मामले की जांच शुरू हो गयी हैं।
मानव संपदा पोर्टल और भर्ती अभिलेखों के मिलान में सामने आया कि बलिया, बाराबंकी, इटावा, रामपुर, आजमगढ़ और शाहजहांपुर में सुधीर कुमार नाम से अलग-अलग कर्मचारी कार्यरत हैं। इसी प्रकार अंशुल कुमार नाम से चार, मनोज सिंह और रजनीकांत नाम से तीन-तीन लोगों की नियुक्ति का मामला भी सामने आया है।
इसके अलावा धीरज कुमार सिंह, पवन कुमार, प्रदीप कुमार, राहुल कुमार और सर्वेश कुमार समेत कई नामों पर दो-दो कर्मचारियों के कार्यरत होने के संकेत मिले हैं। कई मामलों में पिता के नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि में मामूली बदलाव कर नियुक्तियां की गईं।
355 पदों पर हुई थी भर्ती
वर्ष 2015 में विज्ञापित 355 पदों के लिए उप्र. अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य महानिदेशालय ने 337 अभ्यर्थियों की नियुक्ति सूची जारी की थी। अब आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में मिलीभगत कर फर्जी नियुक्तियां कराई गईं।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने मामले को गंभीर बताते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि गलत नियुक्तियां पाई गईं तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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