बरेली बवाल केस में बड़ा मोड़ : सोमवार से फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, तौकीर रजा पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
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बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे से होगी सुनवाई की शुरुआत, 119 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुकी है चार्जशीट

बरेली के चर्चित उपद्रव मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ सोमवार से फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा। पहले दिन हत्या के प्रयास के मुकदमे की सुनवाई होगी, जिसमें उनकी जमानत स्थानीय अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खारिज हो चुकी है। पुलिस सभी 10 मुकदमों में 119 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

बरेली। पिछले वर्ष बरेली में हुए चर्चित उपद्रव मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा की कानूनी मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। करीब 10 महीने बाद सोमवार से इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू होगी। ट्रायल की शुरुआत बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे से होगी, जिसे पूरे प्रकरण का सबसे अहम मामला माना जा रहा है। इस मुकदमे में मौलाना तौकीर रजा को स्थानीय अदालत, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक से जमानत नहीं मिल सकी है। ऐसे में अब सभी की नजर फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू होने वाली सुनवाई पर टिकी है।

पुलिस पर हमले के आरोप में दर्ज हुए थे 10 मुकदमे

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को 'आई लव मुहम्मद' पोस्टर विवाद के दौरान बड़ी संख्या में भीड़ जमा हुई थी। आरोप है कि उपद्रव के दौरान पुलिस पर पथराव, फायरिंग, पेट्रोल बम और एसिड बम से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

घटना के बाद शहर के पांच थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए गए। प्रारंभिक एफआईआर में मौलाना तौकीर रजा सभी मामलों में नामजद नहीं थे, लेकिन विवेचना के दौरान उनका नाम सामने आने पर उन्हें भी आरोपी बनाया गया।

27 सितंबर से जेल में बंद हैं मौलाना

पुलिस ने 27 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर फतेहगढ़ जेल भेज दिया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने घटना के एक सप्ताह के भीतर मौलाना समेत 101 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी 10 मुकदमों में 119 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार मुकदमों में अब भी नहीं मिली जमानत

मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ दर्ज 10 मामलों में से चार मुकदमों में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। इनमें सबसे अहम बारादरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास का मुकदमा है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके अलावा कोतवाली थाने में दर्ज तीन अन्य मामलों में भी उन्हें राहत नहीं मिली है। दो मामलों में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है, जबकि एक मामले में अभी निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल नहीं की गई है।

पुलिस बोली- समयबद्ध विवेचना का उदाहरण बनेगा मामला

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपद्रव के मामले में समयबद्ध तरीके से विवेचना पूरी कर चार्जशीट दाखिल की गई है। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल शुरू होने से मामले के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद है।

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