बिजली संकट: अफसरों पर गिरी गाज फिर भी अंधेरे का कायम राज ! 24 दिन में फुंके 738 ट्रांसफार्मर
सबसे अधिक बदायूं में 292, शाहजहांपुर में 199 व बरेली में फुंके 193 ट्रांसफार्मर
बरेली मंडल में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था लगातार लड़खड़ाती नजर आ रही है। एक मई से 24 मई तक मंडल के चार जिलों में कुल 738 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। सबसे खराब स्थिति बदायूं की रही, जहां 292 ट्रांसफार्मर जल गए।
बरेली, अमृत विचार। बरेली मंडल में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था लगातार लड़खड़ाती नजर आ रही है। एक मई से 24 मई तक मंडल के चार जिलों में कुल 738 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। सबसे खराब स्थिति बदायूं की रही, जहां 292 ट्रांसफार्मर जल गए। इसके बाद शाहजहांपुर में 199 और बरेली जिले में 193 ट्रांसफार्मर फुंके। वहीं पीलीभीत में सबसे कम 54 ट्रांसफार्मर जले हैं। जिससे बिजली व्यस्था ठीक करना निगम के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
अफसरों पर कार्रवाई, नहीं सुधरे हालात
ट्रांसफार्मरों के लगातार फुंकने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली संकट गहरा गया है। कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को गर्मी में भारी परेशानी उठानी पड़ी। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन ने पहले ही ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं पर संबंधित जेई और एसडीओ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद हालात में सुधार नहीं दिख रहा।
दावों में नहीं दिखा दम
बिजली विभाग द्वारा पिछले एक वर्ष में ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि, ओवरलोडिंग कम करने और लाइन सुधार जैसे कई दावे किए गए थे, मगर मौजूदा स्थिति ने उन तैयारियों की पोल खोल दी है। मंडल में बदायूं में 58, बरेली में 76, शाहजहांपुर में 43 और पीलीभीत में 31 विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं, लेकिन बढ़ते लोड के सामने व्यवस्था कमजोर साबित हो रही है।
एक हजार केवीए ट्रांसफार्मर भी फुंका
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बरेली में लगा एकमात्र एक हजार केवीए क्षमता वाला ट्रांसफार्मर भी बीते रविवार रात फुंक गया। लगातार बढ़ती घटनाओं से उपभोक्ताओं में नाराजगी है और लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
