बहराइच: Supreme Court ने प्रमुख सचिव गृह, आईजी, एसपी और कोतवाल को किया तलब, महिला की याचिका पर जारी की नोटिस, जानें मामला

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बहराइच। जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र की एक महिला और उसके ननद को कोतवाल ने बिना वारंट के रात में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 40 घंटे तक महिला थाने के लाकअप में डाल दिया। 40 घंटे बाद हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने दोनों महिलाओं को छोड़ दिया था। अब उसी मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव गृह, आईजी, एसपी, महिला थानाध्यक्ष और कोतवाल देहात को तलब करते हुए नोटिस जारी किया है।

इसमें देहात कोतवाल को नामजद नोटिस जारी किया गया है। जबकि अन्य को पदेन नोटिस देकर तलब किया गया है। इससे हड़कंप मच गया है।  जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के पुरानी बाजार चिलवरिया निवासी 50 वर्षीय महिला के घर आठ नवंबर को कोतवाल सतेंद्र बहादुर सिंह ने टीम के साथ रात 7.40 बजे बिना सर्च वारंट के पहुंच गए थे। महिला का कहना है कि कोतवाल ने उसे और उसकी ननद को जीप में बैठा लिया।

इसके बाद महिला थाने लाकर बंद कर दिया। वहां पर महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग करने की बात कही। महिला ने सभी मामलों का वीडियो बना लिया। पुलिस द्वारा न छोड़े जाने पर महिला के परिवार हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। 40 घंटे बाद पुलिस ने हाई कोर्ट के निर्देश पर 10 नवंबर को दोनों महिलाओं को छोड़ दिया।इसके बाद परिवार ने महिला की गिरफ्तारी के लिए बिना वारंट लाक अप में डालने और जेल न भेजने की चुनौती दी।

महिला के वकील निशा तिवारी, श्रेयास अग्रवाल और सदाशिव की टीम ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को जज एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की टीम ने सुनवाई की। सुनवाई के बाद जजों की टीम ने 28 जनवरी को प्रमुख सचिव गृह, आईजी जोन गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक बहराइच, महिला थानाध्यक्ष पदेन और कोतवाल सतेंद्र बहादुर सिंह को नोटिस जारी कर तलब किया है। साथ ही जवाब मांगा है। इसको लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

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