बदायूं: पेंशन पाना समस्त कर्मचारियों का अधिकार है- संजय आर्या

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बदायूं, अमृत विचार। राज्य कर्मचारी पिछले कई वर्षों से पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से कर्मचारी संगठन शांत रहे। मगर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर दोबारा मुददा गर्माने लगा है। गुरुवार को कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने जिला अस्पताल परिसर में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद रैली के रूप में कलेक्ट्रेट जाकर ज्ञापन दिया। कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा।  

पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर इंडियन पब्लिक सर्विसेज इम्प्लोइज फेडरेशन आईपीएसईएफ की ओर से गुरुवार को धरना प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। इस पर सुबह करीब 10 बजे राज्य कर्मचारी संगठनों से जुड़े नेता और सदस्य जिला चिकित्सालय परिसर स्थित पार्क में जमा हुए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें परिषद के जिलाध्यक्ष संजय कुमार आर्य ने कहा कि पेंशन समस्त कर्मचारियों का अधिकार है। सरकार को चाहिए कि कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाल करे। 

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलामंत्री प्रदीप कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि समस्त कर्मचारियों को मजबूती से पुरानी पेंशन की बहाली के लिए डटे रहना है। कर्मचारी आंदोलन के सामने सरकार अति शीध्र पुरानी पेंशन बहाल करने करने के लिए विवश होगी। अन्य वक्ताओंने कहा कि कर्मचारी जीवन पर नौकरी करके एक पेंशन पाते हैं उसे भी बंद किया जा रहा है। जबकि सांसद, विधायक जितनी बार चुनाव जीतते हैं उतनी बार पेंशन पाते हैं। इस पर कभी किसी ने ध्यान नहीं दिया और ना ही किसी ने विरोध किया। अगर सरकार पर बोझ कम करना है तो सांसद और विधायकों की पेंशन और उनके खर्चे में कटौती की है। कर्मचारी जीवन भर मेहनत से काम करते हैं उनकी पेंशन क्यों बंद की जा रही है? कर्मचारी इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। पुरानी पेंशन की बहाली होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इस अवसर पर शिवम रस्तोगी, लाल बहादुर, योगेन्द्र सिंह, अधिकारी, लल्लू सिंह, असद कदीर, राजीव सक्सेना, सोहनपाल, राजीव भारती, अरुण कुमार पाण्डेय, विजय यादव, अजय यादव कुमार, अमरपाल यादव, आदि पुरानी पेंशन बहाली अपने विचार व्यक्त किये। अनुज कुमार, महाराज सिंह, पंकज कटियार, रीता सरन, एडलिना उषा पाल, मोहनराम, अरविन्द, शेषनारायण, लक्ष्मी, पिंकी, अनीता, इम्तियाज, नबाबुल निशाकर शर्मा, समद, संतोष कुमार, सुधीन्द्र कुमार आदि  शिक्षक कर्मचारी मौजूद रहे।

ये भी पढे़ं-बदायूं: पिता की डांट से गुस्साए युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, परिवार में मचा कोहराम

 

संबंधित समाचार