हल्द्वानी: ओवरहेड टैंक 7 साल में खराब, गुणवत्ता पर उठे सवाल

हल्द्वानी: ओवरहेड टैंक 7 साल में खराब, गुणवत्ता पर उठे सवाल

हल्द्वानी, अमृत विचार। जल संस्थान परिसर में बने ओवरहेड टैंक से पानी टपक रहा है। बीते 2 माह से प्रतिदिन टैंक से हजारों लीटर बर्बाद हो रहा है। 600 केएल क्षमता के टैंक का निर्माण 2016 में एडीबी की ओर से किया गया था। जल संस्थान के अधिकारियों के अनुसार ओवरहेड टैंक की औसत आयु लगभग 30 साल होती है। उचित मेंटीनेंस मिलने पर इससे आगे भी टैंक सुचारू रूप से काम करता है।

परिसर में बना टैंक 7 साल में जवाब दे गया जिससे एडीबी की ओर से किये  गये निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठता है। वैसे तो जल संस्थान पूरे शहर को पानी उपलब्ध कराता है और सभी टैंक और ट्यूबवेल को दुरूस्त रखने का दावा भी करता है लेकिन खुद जल संस्थान परिसर का टैंक पिछले 2 माह से टपक रहा है जिसके लिये अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। जल संस्थान के अधिकारियों के मुताबिक 10-15 साल बाद टैंक को मेंटीनेंस की जरूरत होती है लेकिन 7 साल में खराब होने वाला यह पहला टैंक है।

वैसे तो टैंक लंबे समय से लीकेज हो रहा है लेकिन पिछले 2 माह से पानी अधिक टपकने लगा है। जल संस्थान कार्यालय के परिसर में 350 केएल क्षमता का टैंक 35 साल से अधिक पुराना है। यह टैंक अब उपयोग में नहीं है। पूर्व में इसी ओवरहेड टैंक से विभागीय टैंकरों में पानी भरा जाता है और नजदीकी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति भी की जाती थी। वर्तमान में जल जीवन मिशन के अंतर्गत ... टैंकों का निर्माण किया जा रहा है जिसमें जल संस्थान और जल निगम दोनों काम कर रहे हैं। इन टैंकों के निर्माण के बाद काफी हद तक समस्या दूर हो जायेगी। 

60 लाख रुपये 7 साल में स्वाहा
जल संस्थान परिसर में बना 600 केएल क्षमता का टैंक लगभग 60 लाख रुपये की लागत से बना है। 2016 में बना टैंक 7 साल में ही खराब हो गया जिससे जल संस्थान के साथ ही निर्माण एजेंसी एडीबी के काम की गुणवत्ता पर सवाल उठता है। पूर्व में बने अधिकांश ओवरहेड टैंक का निर्माण एडीबी की ओर से किया गया है। एडीबी ने पिछले 10 साल में तहसील परिसर, सरस मार्केट, जगदंबा नगर, इंद्रानगर 13 बीघा और राजपुरा में भी ओवरहेड टैंक का निर्माण किया है। जल संस्थान के एई रवींद्र कुमार ने बताया कि परिसर में बने टैंक की दीवारों से पानी टपक रहा है। दीवारों से टपक रहे पानी को रोकने के लिये टैंक की दीवारों का ट्रीटमेंट किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस टैंक के समय बने अन्य टैंक सही हालत में हैं।  

मरम्मत के लिये भेजा 9.5 लाख रुपये का प्रस्ताव
परिसर में बने टैंक की मरम्मत के लिये जल संस्थान ने देहरादून मुख्यालय को 9.5 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद टैंक की दीवारों की मरम्मत की जायेगी जिससे पानी टपकना बंद हो जायेगा। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही प्रस्ताव स्वीकृत होने की उम्मीद है।


टैंक मरम्मत करने के लिये प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। स्वीकृत होने पर काम शुरू किया जायेगा। टैंक की दीवारों से पानी टपक रहा है इनका ट्रीटमेंट किया जायेगा।
- रवींद्र कुमार, एई, जल संस्थान हल्द्वानी डिवीजन

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