पीलीभीत: फजीहत के बाद शुरू कराई आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की टेंडर प्रक्रिया, अभी तक मेहरबान थे जिम्मेदार
पीलीभीत, अमृत विचार: बिना टेंडर प्रक्रिया के नगर पालिका में चल रहे आउटसोर्स कर्मचारियों की पोल खुलने के बाद नगरपालिका की कार्यशैली पर तमाम सवाल खड़े होने लगे हैं। फजीहत को देखते हुए अब नगरपालिका की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों का टेंडर कराने के लिए फाइल चला दी है। जिसके बाद इस माह में ही नए सिरे से टेंडर करने की बात कही जा रही है।
बता दें कि शहर में कुल 27 वार्ड हैं, जिसमें 59 मोहल्ले और 21 कॉलोनियां हैं। इसके अलावा मुख्य बाजार है। जहां की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए नगर पालिका के पास 172 सरकारी और 180 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अलावा 30 चालकों को भी आउटसोर्स पर रखा गया है। इस आउटसोर्स पर नगरपालिका कार्यालय में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को भी रखा गया है।

शासन की गाइडलाइन के अनुसार सफाई कर्मचारियों को 366 रुपये के प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिलने का प्रावधान है। वहीं चालकों के लिए 430 रुपये का भुगतान देय करने का नियम है। पालिका की नई सरकार बनने के बाद वर्ष 2023 में टेंडर को लेकर काफी जदोजहद चलती रही, लेकिन इसके बाद नगरपालिका की ओर से अपने करीबी मोहित इंटरप्राइजेज की फर्म को यह टेंडर दिया गया था। मगर यह टेंडर मार्च 2024 में समाप्त हो गया। मगर नगरपालिका की ओर से टेंडर नहीं कराया गया।
आचार संहिता का हवाला देते हुए समय अवधि बढ़ा दी गई। अमृत विचार ने 25 जुलाई के अंक में नगरपालिका का हाल : टेंडर खत्म हुए बीत गए चार माह, कर्मचारियों से ले रहे काम शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया था। इसके बाद अफसर हरकत में आ गए। अब आनन फानन में आउटसोर्स कर्मचारियों की फाइल तैयार कर टेंडर प्रक्रिया को शुरु करा दिया है। फाइल पर ईओ की संस्तुति लेने के बाद चेयरमैन को प्रेषित की गई है। चर्चा यह भी है कि टेंडर को तीन पार्ट में किया जाएगा। इसमें सफाई, चालक और लाइटमैन का टेंडर अलग-अलग होगा। ताकि सभी करीबियों को काम मिल सके।
ये भी पढ़ें- पीलीभीत: 'VVIP आते हैं तो सड़कों से हटा दिए जाते हैं छुट्टा पशु', DM को पत्र लिखकर BJP नेता ने कही ये बात
