फर्जी चेकों से 38.50 लाख का हुआ भुगतान, बैंक के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया आदेश 

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक ने तीन फर्जी चेकों पर एक महिला के खाते से 38.50 लाख का भुगतान कर दिया। फोरेंसिंक जांच में चेक फर्जी साबित हुए तो बैंक की गलती होने राज्य उपभोक्ता आयोग ने 30 लाख रुपये 12 प्रतिशत ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। 
ये है मामला
1-20 सेक्टर-22 नोएडा निवासी संजू देवी पत्नी अनुज कुमार को बैंक ने 20-20 पन्नों की दो चेक बुक दी थी। गलती से कुछ चेक खराब होने पर नष्ट कर दिए गए। संजू देवी ने 2015 को 74 लाख रुपये की संपत्ति बेचकर अपने खाते में रुपये जमा किए। इस बीच, किसी इरफान मोहम्मद नाम से पहली चेक पर 9.85 लाख रुपये, दूसरी पर 14.65 लाख व तीसरी पर 14 लाख रुपये बैंक ने भुगतान कर दिए। आयकर जमा करने के दौरान फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। एफआईआर कराने पर चेक फोरेंसिंक लैब भेजे तो फर्जी निकले। इसकी बैंकिंग लोकपाल ने अभिलेखीय और मौखिक साक्ष्य की आवश्यकता बताकर निस्तारण करना संभव नहीं बताया। फिर भी बैंक ने संजू के खाते में 14 लाख रुपये डाल दिए। इसके बाद संजू और उनके परिजन को मिलीभगत बताकर रुपये वापस मांगे। इसकी संजू ने राज्य उपभोक्ता आयोग में शिकायत की। सुनवाई प्रिसाइडिंग जज राजेंद्र सिंह व सदस्य विकास सक्सेना ने की।
ये हुआ आदेश 
आदेश में कहा कि इसमें बैंक की लापरवाही थी। फर्जी चेकों का सूक्ष्म निरीक्षण नहीं किया और सरसरीतौर पर भुगतान किया। बैंक, मैनेजर व चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मिलकर या कोई एक 24.50 लाख रुपये, मानसिक, शारीरिक कष्ट के 5 लाख रुपये व वाद व्यय के 50 हजार रुपये अलग से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करेंगे। 30 दिन में धनराशि न दी तो 15 प्रतिशत ब्याज देय होगा।

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