सर्वश्रेष्ठ निर्माण के लिए लखनऊ मेट्रो को मिला सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार 2024
रिकॉर्ड समय में निर्माण कार्य पूरा कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में दर्ज किया नाम
लखनऊ । यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि. की लखनऊ परियोजना को सर्वश्रेष्ठ निर्माण परियोजना की श्रेणी में आज प्रतिष्ठित 15वें निर्माण उद्योग विकास परिषद (CIDC) विश्वकर्मा पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। यूपीएमआरसी की ओर से सी.पी सिंह निदेशक (वर्कस एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर) ने नीति आयोग की ओर से दिए जाने वाले इस पुरस्कार को ग्रहण किया। पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में किया गया।
CIDC ऑडिटर्स ने दिसंबर 2023 में लखनऊ मेट्रो के अंडर ग्राउंड-एलिवेटड मेट्रो स्टेशन एवं ट्रांसपोर्ट नगर डिपो के ठोस एवं मजबूत निर्माण की जांच की। लखनऊ मेट्रो के नाम निर्धारित समय सीमा से 36 दिन पूर्व संपूर्ण नार्थ-साउथ कॉरिडोर (सीसीएस एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया) पर मेट्रो परिचालन सेवा शुरु करने का खिताब है। लखनऊ मेट्रो के नार्थ-साउथ कॉरिडोर में कुल 21 मेट्रो स्टेशन हैं।
प्रतिष्ठत 15वें (CIDC) विश्वकर्मा पुरस्कार के लिए इस वर्ष कुल 380 निर्माण संस्थानों की तरफ से आवेदन आए थे। निर्माण उद्योग के प्रमुख एवं CIDC ऑडिटर्स द्वारा कई महीनों की गहन-जांच पड़ताल के बाद विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। जिसमे UPMRC की लखनऊ परियोजना को सर्वश्रेष्ठ निर्मित परियोजना के तौर पर पुरस्कृत किया गया।
लखनऊ मेट्रो ने अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन सीसीएस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य मात्र 19 महीने 10 दिन के रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस में अपना नाम दर्ज किया। लखनऊ मेट्रो स्टेशनों के निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण को सबसे अधिक महत्व दिया गया। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लि. के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने 15वें (CIDC) विश्वकर्मा पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर की।
लखनऊ मेट्रो निर्माण के दौरान 410 पेड़ों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के साथ-साथ डिज़ाइन में बदलाव कर 537 पेड़ों को कटने से भी बचाया गया। लखनऊ मेट्रो की पर्यावरण के प्रति अच्छी प्रथाओं को देखते हुए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने सभी 21 मेट्रो स्टेशनों को प्लेटिनम रेटिंग से प्रमाणित भी किया है।
