Bareilly News: चिड़ियाघरों के हाथियों को मोटापे से बचाएगा IVRI का डाइट प्लान

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। चिड़ियाघरों के हाथियों के मोटापे को दूर करने के लिए भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पशु पोषण विभाग ने डाइट प्लान तैयार किया है। इसके लिए पशु पोषण विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. असित दास ने तमाम चिड़ियाघरों में रहने वाले हाथियों पर अध्ययन किया।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. असित दास के अनुसार जंगलों में रहने वाले हाथियों के मुकाबले चिड़ियाघरों में रहने वाले हाथी शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं। इस कारण उनके वजन में लगातार वृद्धि होती है। आमतौर पर हाथी 24 घंटे में करीब 14-15 घंटे खाते हैं। वे प्रतिदिन करीब 250 किलो घास का सेवन करते हैं।

यह उनकी दैनिक डाइट है, इसके साथ ही मिनिरल्स के लिए वे पेड़ की छाल, पत्ते, फूल को भी खाने में शामिल करते हैं। अधिक मात्रा में खाने से हाथियों के वजन बढ़ने की समस्या देखी गई है। इसके बचाव के लिए चिड़ियाघर, वन्य अभ्यारणों को कुछ सुझाव साझा दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर देखा गया कि हाथियों को 10 किलो आटा की रोटियां बनाकर दी जाती हैं। रोटियों में अधिक संख्या में ग्लूटीन होने से यह उनके शारीरिक और प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, कभी-कभी अधिक मात्रा में आटे के चलते वसा मादा हाथी के गर्भाश्य में एकत्र हो जाता है, जिससे गर्भधारण में समस्या देखने को मिलती है। हालांकि इससे बचाव के लिए आईवीआरआई ने न्यूनतम 3 और अधिकतम 6 किलो तक आटे की रोटियां खिलाने का सुझाव दिया है, जिससे उनका पेट भी जल्द भरेगा, स्वास्थ्य भी प्रभावित नहीं होगा।

बॉडी कंडीशन स्कोर से मापा जाता है हाथियों में मोटापा
हाथियों में मोटापा बॉडी कंडीशन स्कोर से मापा जाता है। जिनमें शरीर में बाहरी रूप से दिखने वाली हड्डियों समेत अन्य मानक हैं। इसमें तीन से अधिक स्कोर मोटापा की श्रेणी में रखे जाते हैं। जबकि 1 स्कोर होने पर हाथी को कुपोषित माना जाता है, जबकि 5 स्कोर होने पर हाथी को अत्यंत मोटापे की श्रेणी में रखा जाता है।

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