बाराबंकी: फंदे से लटकता मिला लड़की का शव, ग्रामीणों का आरोप- पिता ने ही मारकर लटकाया, पुलिस बोली- कोई साक्ष्य नहीं

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

राम सनेही घाट/बाराबंकी, अमृत विचार। कोतवाली रामसनेही घाट क्षेत्र के ग्राम पंचायत दिलौना में बुधवार देर रात एक युवती ने अज्ञात कारणों से घर में ही संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब परिजन अंदर पहुंचे तो उसका फंदे पर लटका हुआ शव देखकर कोहराम मच गया।

फौरन ही उन्होंने बिना पुलिस को जानकारी दिए आनन फानन में शव को फंदे से उतारा और देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं इस घटना के बाद से गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लड़की के पिता ने ही किसी कारण से लड़की को मारकर उसका शव लटका दिया। जबकि पुलिस का कहना है अभी तक ऐसी कोई तहरीर या साक्ष्य नहीं मिले हैं।

जानकारी के मुताबिक गांव निवासी सुमरिन धोबी की 17 वर्षीय पुत्री आशा का मानसिक संतुलन ठीक नही था। जिस कारण उसने एक कमरे में फांसी लगाकर कर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि जब वह घर के अंदर पहुंचे तो लड़की का शव फंदे से लटक रहा था। ऐसे में घबराकर हम लोगों ने उसके शव को उतार लिया और अंतिम संस्कार कर दिया।

वहीं इस घटना के बाद गांव में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि युवती को घर के ही लोगों ने मार डाला और लटका दिया। उसके बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के फौरन बाद ही परिजनों ने फंदा काटकर लड़की के शव को उतारा और कोतवाली रामसनेहीघाट पुलिस को सूचना दिए बगैर ही आनन फानन में अंतिम संस्कार कर दिया।

जबकि कोतवाली प्रभारी ओपी तिवारी ने बताया कि गांव के प्रधान ने सूचना दिया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतका की मां ने लिखित में दिया है कि मेरी बेटी मानसिक रूप से बीमार थी। इसीलिये उसने लगा ली। पुलिस के मुताबिक फिलहाल कार्रवाई के लिए न तो कोई तहरीर मिली है और न ही कोई साक्ष्य हैं।

यह भी पढ़ें:-अमित शाह को मिली बड़ी राहत, MP-MLA की विशेष कोर्ट ने खारिज की परिवाद, जानें पूरा मामला

संबंधित समाचार