गोंडा: 30 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित, उपभोक्ताओं में आक्रोश, चुनाव में उठेगा मुद्दा

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Edited By Amrit Vichar
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उमरी बेगमगंज, गोंडा, अमृत विचार। क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से चरमरा गई है। 30 घंटे से अधिक बीतने के बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई जिससे दर्जनों गांवों की लगभग 20 हजार आबादी चिलचिलाती गर्मी और अंधेरे में रहने को विवश है। इस क्षेत्र में शुक्लगंज बेलसर विद्युत उपकेंद्र से सप्लाई दी जाती है। लोगों की मानें तो विभाग ने अपने मानक तय कर रखे हैं और कुछ गांव को वीआईपी श्रेणी में रखा है, इसको लेकर जनता में आक्रोश है और चुनाव में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाने की चर्चा की जा रही है।

संविदा कर्मियों व प्राइवेट कर्मियों की मनमानी से आए दिन लोकल फाल्ट के नाम पर बिजली काट दी जाती है। बुधवार को फीडर में खराबी हो जाने से सप्लाई बाधित हो गई। अभी गर्मी की शुरुआत ही हुई है और बिजली की मांग बढ़ते ही फीडर सहित जर्जर खंभे और तार भी जवाब देने लगे हैं। तार गिरने से गेहूं की फसल चौपट हो गई। 

उमरी बेगमगंज, डोहरी, डिक्सिर, भमैचा, सेमरी कला, कुम्मेदानी, ऐलीपरसोली, शिवागंज बाजार, सुखवन पुरवा, दलेलनगर, भिखारीपुर खुर्द आदि गांव के हजारों परिवार गर्मी की तपिश झेलने के साथ ही अंधेरे में रहने को विवश हैं। विभागीय जेई लाइन दुरुस्त करवाना तो दूर की बात फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। संविदा कर्मी अपने क्षेत्र का बंटवारा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री  कर लेते हैं। 

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ऐसे में ग्रामीण उपभोक्ताओं को समय पर बिजली मिल पाना दूर की कौड़ी है। फिलहाल लगातार कटौती के आम जनमानस में खासा आक्रोश व्याप्त है। उमरी बेगमगंज के आनंद सिंह बबलू कहते हैं कि बिजली के मुद्दे पर इधर की जनता भी चुनाव में इसको हथियार बनाएगी। आधे क्षेत्र को वीआईपी और आधे क्षेत्र को बिजली विभाग वाले अनाथ मान रहे हैं। बिजली विभाग के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का सीयूजी नम्बर नहीं उठता। जानबूझकर बिजली काट देते हैं। 

शुक्लागंज बेलसर विद्युत उपकेंद्र पर लगे उमरी फीडर में खराबी आने के बाद दूसरे फीडर से वीआइपी गांव में सप्लाई दी जा रही है। ऐली परसोली के विष्णु गुप्ता कहते हैं लाइनमैन का पता नहीं। संविदा कर्मी या फिर प्राइवेट कर्मी के कंधों पर सप्लाई का जिम्मा है जो सुबह से शाम तक वसूली के चक्कर में लगा रहता है। उसी की लापरवाही पर आए दिन विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। संतोष सिंह ने बताया कि लोकल फाल्ट के नाम पर आए दिन कटौती जारी रहती है, जबकि कुछ गांव में किसी भी हालत में सप्लाई दी जाती है।

व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो हम लोग चुनाव का बहिष्कार करेंगे। श्याम बिहारी यादव कहते हैं कि बिजली सप्लाई को लेकर विभाग ने अपने मानक तय कर रखे हैं और कुछ गांव को वीआईपी श्रेणी में रखा है। जहां सप्लाई किसी भी हाल में दी जाती है। जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं देते, जबकि माननीय के क्षेत्र में निर्बाध सप्लाई दी जाती है। इस बाबत  विद्युत अभियंता बेलसर का फोन बंद मिला।

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