विश्व मजदूर दिवस: जलवायु परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे श्रमिक, स्वास्थ्य-सुरक्षा की उठी मांग

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लखनऊ, अमृत विचार। मजदूरों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। इन्हें संरक्षण देने वाले लोग कमजोर हो रहे हैं। ऐसे समय में श्रमिकों यानी की मजदूरों को एक जुट होने की जरूरत है। उन्हें जागरुक होने की जरूरत है। आज जब जलवायु परिवर्तन हो रहा है तो उसका खामियाजा सबसे अधिक मजदूर को उठाना पड़ रहा है। यह कहना है फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव का। वह बुधवार को मजदूर दिवस के अवसर पर अमृत विचार के साथ बातचीत कर रहे थे।

 

विश्व मजदूर दिवस: जलवायू परिवर्तन से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे श्रमिक, स्वास्थ्य सुरक्षा की उठी मांग #BrajeshPathak...

Posted by Amrit Vichar on Wednesday 1 May 2024

सुनील यादव ने बताया कि किसान और श्रमिक इस देश की जान है इसलिए इनके लिए स्वास्थ्य और सकारात्मक सुरक्षा सबसे आवश्यक है। जलवायु परिवर्तन के बीच कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना हमारा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि बुधवार को फार्मासिस्ट फेडरेशन की तरफ से इस विषय पर एक वेब गोष्ठी भी हुई। जिसमें मजदूर दिवस पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सुनील यादव ने बताया कि इस बार अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की थीम ' जलवायु परिवर्तन के बीच कार्यस्थल सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है' निर्धारित किया गया है । उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में श्रमिकों का स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा एक बहुत बड़ा विषय है, आज अनेक श्रम कानूनों के बावजूद श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक नहीं मिल पा रहा है ।  उच्चतम न्यायालय ने समान कार्य समान वेतन के बार-बार निर्देश दिए हैं, लेकिन उसके बाद भी इसका पालन होता हुआ दिखाई नहीं पड़ रहा है। सरकारी और गैर सरकारी सभी जगहों पर अलग अलग पारिश्रमिक तय है, सभी श्रमिकों को वार्षिक वृद्धि व महंगाई भत्ता आज नहीं मिल पाता है। जिससे श्रमिक अपने दैनिक जीवन का संचालन भी सही से नहीं कर पाते। विभागों में आउटसोर्सिंग की व्यवस्था में श्रमिक और सरकार के मध्य बिचौलिए की वजह से समस्या और बड़ी हो गई है। भूमिका बन जाने से श्रमिक वर्ग को उनका निर्धारित वेतन नहीं मिल पाता।

सरकार ने संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की है, स्वास्थ्य के लिए अनेक ईएसआई हॉस्पिटल बने हैं लेकिन असंगठित मजदूरों के स्वास्थ्य की देखभाल पर अभी भी नीतियां नहीं बनी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य परिवार का संचालन करने के लिए श्रम विभाग की न्यूनतम मजदूरी का पुनर्निर्धारण किया जाना आवश्यक है। जिससे श्रमिकों को सुरक्षा मिल सके।

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