कर्नाटक की गूंज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कर्नाटक में सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप को लेकर भाजपा और जेडीएस संकट में हैं। आशंका है कि इस मामले की गूंज चुनाव के शेष चरणों में पूरे देश में सुनाई देगी। 

प्रज्वल और उनके पिता एवं कर्नाटक के पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के विरुद्ध पुलिस ने उनकी एक घरेलू सहायिका की शिकायत के बाद यौन उत्पीड़न और आपराधिक धमकी के आरोप में मामला दर्ज किया। प्रज्वल जेडीएस प्रमुख एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। माना जा रहा  है कि वह इस समय जर्मनी में हैं। जेडीएस ने हासन से सांसद रेवन्ना को पहले ही पार्टी से निलंबित कर दिया है। 

जेडीएस राज्य में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। यौन शोषण के इन आरोपों से निपटने में भाजपा असहज महसूस कर रही है और उसने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि वे सहयोगी दल के उम्मीदवार के चयन को लेकर असहज थे, क्योंकि पार्टी का आंतरिक मामला है लेकिन चिंता है कि यह प्रकरण कर्नाटक में पार्टी की संभावनाओं के साथ-साथ महिला मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है। 

सवाल कर्नाटक राज्य की कांग्रेस सरकार पर भी है कि जब यौन-शोषण के अश्लील वीडियो सार्वजनिक हो चुके थे, तो प्रज्वल को हिरासत में लेकर पूछताछ क्यों नहीं की गई? उसे तब तक हिरासत में रखा जाना चाहिए था, जब तक अधिकतर पीड़िताओं के पक्ष दर्ज नहीं होते। 

कर्नाटक महिला आयोग ने इसे ‘सबसे बड़ा सैक्स स्कैंडल’ करार दिया है। राजनेता सार्वजनिक मंचों से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बातें करते हैं, मगर जब उन्हीं के बीच ऐसा कोई व्यक्ति नजर आता है तो उसे बचाने का प्रयास करने लगते हैं। कमोबेश ऐसे मामलों में आपस में रक्षा करते हैं। लगातार सवाल उठते रहेंगे कि रेवन्ना की विदेश भागने में किसने मदद की? 

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि निलंबित जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जर्मनी यात्रा के संबंध में हमसे कोई राजनीतिक मंजूरी न तो मांगी गई और न ही यह जारी की गई। राजनयिक पासपोर्ट धारकों को जर्मनी की यात्रा के लिए किसी वीजा की आवश्यकता नहीं है। सवाल है कि क्या मंत्रालय उनका पासपोर्ट रद करने पर विचार कर सकता है। परंतु सवाल का सीधा जवाब मंत्रालय की ओर से नहीं मिला है। 

देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र और राज्य सरकार किस तरह मामले की निष्पक्ष जांच कराती हैं और रेवन्ना को वापस लाकर उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करती हैं। 

ये भी पढे़ं- संघर्ष विराम का समय