हल्द्वानी: स्वीप की कोशिशों के बावजूद घट गया मतदान प्रतिशत

हल्द्वानी: स्वीप की कोशिशों के बावजूद घट गया मतदान प्रतिशत

नरेन्द्र देव सिंह, हल्द्वानी, अमृत विचार। स्वीप (व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी)  की मतदाताओं को जागरूक करने की मुहिम के बावजूद नैनीताल लोकसभा सीट पर मत प्रतिशत में बड़ी गिरावट आई है। पिछले लोकसभा चुनाव में नैनीताल सीट पर जहां 68.83 प्रतिशत हुआ था तो वहीं इस बार मत प्रतिशत का आंकड़ा 59.39 प्रतिशत के आसपास आकर ठिठक गया। इस सीट पर पिछले दो लोकसभा चुनाव में लगातार मत प्रतिशत बढ़ रहा था लेकिन इस बार मत प्रतिशत का आंकड़ा नीचे आ गया। 

नैनीताल लोकसभा सीट पर मतदान को लेकर सुबह के समय काफी उत्साह था। पूर्वान्ह होने के साथ ही मतदान को लेकर मतदाताओं में उदासीनता दिखाई देने लगी। दोपहर बाद लगने लगा कि इस बार मत प्रतिशत में गिरावट आएगी। साल 2009 में नैनीताल लोकसभा सीट पर कुल 58.69 प्रतिशत ही मतदान हुआ था।

मतदान जागरूकता को लेकर चलाए गए अभियान का असर साल 2014 के लोकसभा चुनाव में दिखने लगा। मतदान प्रतिशत में करीब 9.50 प्रतिशत का उछाल आया और नैनीताल लोकसभा सीट पर 68.38 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। मतदाताओं में यह उत्साह साल 2019 के लोकसभा चुनाव में और भी ज्यादा बढ़ गया। इस बार मत प्रतिशत बढ़कर 68.83 प्रतिशत तक पहुंच गया। 

प्रशासन और निर्वाचन आयोग को लगने लगा था कि नैनीताल लोकसभा सीट के मतदाता अब मतदान को लेकर ज्यादा से ज्यादा जागरूक होते जा रहे हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने स्वीप के माध्यम से चुनाव से बहुत पहले ही प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया था। सभी सरकारी विभागों को अभियान में शामिल किया गया। जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों, चर्चित चेहरों, स्वयंसेवी संगठनों के माध्यम से भी मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए। इसके बावजूद इस बार लोकसभा चुनाव में इस बार प्रतिशत 59.36 प्रतिशत रहा और 9.44 प्रतिशत मतदान कम हो गया। ऐसा भी नहीं है इसे गर्मी का असर कहा जाए क्योंकि उत्तराखंड बनने के बाद लोकसभा चुनाव हमेशा गर्मियों में ही हुए हैं। 

साल 2019 और 2024 के चुनाव में विधानसभा वार मत प्रतिशत
सीट                                     साल 2019                                  साल 2024
लालकुआं                                69.51                                         61.08
भीमताल                                  59.91                                         56.64
नैनीताल                                   55.29                                         51.79
हल्द्वानी                                    62.22                                         58.75
कालाढूंगी                                 66.82                                         60.12
जसपुर                                     72.65                                         65.48    
काशीपुर                                  65.94                                          58.50                    
बाजपुर                                    72.29                                          62.09
गदरपुर                                    75.78                                          67.93
किच्छा                                     69.14                                          62.61
सितारगंज                                 78.60                                         70.06
नानकमत्ता                                72.21                                         65.73
खटीमा                                     68.71                                         64.20
कुल                                         68.83                                         59.36
स्रोत-निर्वाचन आयोग, शाम पांच बजे तक के आंकड़े।

सितारगंज में इस बार आठ प्रतिशत गिरा मत प्रतिशत
पिछले लोकसभा चुनाव में नैनीताल लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा मत प्रतिशत सितारगंज विधानसभा सीट पर 78.60 प्रतिशत हुआ था, इस बार मत प्रतिशत में करीब आठ प्रतिशत की गिरावट आ गई। हालांकि सितारगंज गिरावट के बावजूद इस साल भी मत प्रतिशत के मामले में पहले नंबर पर है। बाजपुर में तो मत प्रतिशत 10 प्रतिशत तक गिर गया। पहाड़ों में भी चुनाव को लेकर अपेक्षाकृत उदासीनता ही रही। नैनीताल लोकसभा सीट पर सबसे कम मतदान 51.79 प्रतिशत नैनीताल सीट पर हुआ है। यही नहीं मत प्रतिशत में भारी गिरावट बीते विधानसभा चुनाव में हुए मत प्रतिशत से भी कम है। 

राज्य की हर सीट पर कम हुआ मतदान  
उत्तराखंड में इस बार कुल 53.79 प्रतिशत ही मतदान हुआ जबकि पिछली बार यह आंकड़ा 58.01 प्रतिशत था। राज्य के कुल औसत मतदान में 4.22 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। हरिद्वार सीट पर इस बार 59.01 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि पिछली बार 69.25 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। यहां मत प्रतिशत में पांचों सीटों में सबसे ज्यादा गिरावट रही है। अल्मोड़ा सीट पर इस बार 44.43 प्रतिशत तो पिछली बार 52.31 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया था। टिहरी सीट पर 51.01 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया तो इस बार केवल 58.87 लोग ही वोट देने निकले। पौड़ी गढ़वाल सीट पर इस बार 48.79 प्रतिशत वोटिंग हुई है पिछली बार 55.17 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया। 

 

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