साइबर शातिरों ने भी मनाई दीपावली... 15 दिन में ठगे 1.96 करोड़, लालच और ऑफर देकर बनाया शिकार

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Published By Anjali Singh
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कानपुर, अमृत विचार। करवाचौथ, धनतेरस व दीपावली के त्योहारी सीजन में एनसीआरपी से जारी 15 दिन के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। साइबर शातिरों ने इस अवधि में 87 लोगों को अपना शिकार बनाया। जिनसे एक करोड़ 96 लाख 32 हजार की ठगी की। वहीं प्रदेश के आंकड़ों को देखें तो 976 लोगों से ठगी हुई। जिनसे शातिरों ने 15.50 करोड रुपये का चूना लगाया। पांच से 20 अक्टूबर के बीच यह ठगी हुई। साइबर शातिरों ने यह रकम प्रदेश के कई जिलों के साथ कई प्रदेशों में बैंक खातों में भेजी है। 

37 वाहन खरीदने वालों को ठगों ने जाल में फंसाया

कानपुर में ठगी की रकम को शातिरों ने कई प्रदेशों में ट्रांसफर किया है। इससे उनके नेटवर्क का जाल पता चलने स्टेट साइबर सेल भी हैरान रह गई। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) के आंकड़े और स्टेट साइबर सेल टीम के अनुसार 86 साइबर ठगी के मामलों में 87 लाख 32 हजार रुपये पार किए गए। जबकि 10 अक्टूबर को बिरहाना रोड स्थित पीबी सोसाइटी ज्वेलर्स से अकेले एक करोड़ नौ लाख की ठगी हुई। जिसमें ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले 29 लोगों, नए वाहन खरीदने वाले 37 लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।

29 ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले हुए शिकार

कानपुर में ठगी गई यह रकम प्रयागराज, अलीगढ़, बुलंदशहर व रायबरेली के बैंक खातों में भेजे गए। जिसमें 39 लाख रुपये स्टेट साइबर सेल ने इन खातों में ही सीज कर दिए हैं। साइबर सेल सूत्रों के अनुसार 48 लाख 32 हजार रुपये शातिरों ने निकाल लिए हैं या दूसरे खातों में ट्रांसफर किए हैं। जिनके मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने जयपुर, उदयपुर, झारखंड, दिल्ली और नोएडा के शातिरों के नाम सामने आए हैं। इन स्थानों पर कॉल सेंटर से ठगी का पूरा तानाबाना बुना गया है। स्टेट साइबर सेल को ठगी के मामलों में कानपुर के भी तार जुड़े मिले हैं।

प्री-एक्टिवेटेड सिम से 70 प्रतिशत ठगी

साइबर सेल टीम की जांच के अनुसार पता चला कि ठगी की तीन से पांच घटनाओं में एक ही नंबर का प्रयोग किया गया और यह नंबर प्री-एक्टिवेटेड रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि शातिरों ने इसकी तैयारी काफी पहले से कर रहे थे। साइबर शातिरों ने काफी संख्या में प्री-एक्टिवेटेड सिम पहले से ही एकत्र कर रखे थे। इसके साथ ही रकम को तत्काल दूसरे जिले और प्रदेश में ट्रांसफर के लिए फर्जी पते के बैंक खाते भी खुलवा रखे थे।

189 प्री-एक्टिवेटेड सिम का ठगी में हुआ प्रयोग 

ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए प्रदेश स्तर पर करीब 350 से ज्यादा फर्जी खाते खुलवाए गए होंगे। साइबर सेल टीम अब खाता धारकों की हिस्ट्री खंगाल रही है। वहीं सभी प्री-एक्टिवेटेड सिम जो प्रदेश के अलग-अलग जिलों व छोटे कस्बों से खरीदे गए, उनके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है। 

शातिरों ने ठगी का अपनाया नया पैतरा 

धनतेरस और दीपावली पर अक्सर लोग छूट के लालच में वाहन लेना पसंद करते हैं। छूट के साथ कुछ उपहार भी मिल जाता है। इस बार शातिरों ने ऐसे लोगों को भी निशाना बनाया। लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि शातिरों ने वह बातें बताई जो वाहन खरीदने वाले ने एजेंसी में बताई थीं। फोन करने वाले ने कार खरीदने वाले को फोन करके कहा कि आप एक लाख 22 हजार या उससे कुछ अधिक धनराशि और जमा कर देते हैं तो इसका आपको बड़ा लाभ हो सकता है। सिर्फ इतनी धनराशि अतिरिक्त जमा करने पर 88 हजार रुपये की और छूट मिलेगी। यहीं दीपावली ऑफर है। इस तरह धनराशि जमा कराई। लालच में पड़कर लोगों ने अपनी पूंजी गवां दी। 

कार पर बड़ा ऑफर है, रकम बढ़ानी पड़ेगी 

बिधनू निवासी पिता ने धूमधाम से बेटी की शादी करने व दहेज में कार देने के लिए कुछ खेत भी बेचा। कार की बुकिंग के साथ अन्य तैयारियां शुरू की। इसी बीच एक अंजान नंबर से उनके पास कॉल आई और ऑफर के नाम पर कुछ रकम बचाने का लालच दिया। साइबर शातिर के झांसे में आकर किसान ने रकम गवां दी। पीड़ित ने पैसे तो जमा करा दिए, लेकिन उन्हें त्योहारी ऑफर का लाभ नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने बिधनू थाने और साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

रकम ट्रांसफर, या शोरूम, मॉल से संबंधित काम ऑनलाइन न करें। वहां जाकर संबंधित जिम्मेदार से पूरी बात करें। फोन पर बात करने वाला फ्राड हो सकता है जो झांसे में ले सकता है। लालच और लापरवाही से ही रकम साइबर शातिरों के खाते में जाती है। लिहाजा सतर्क रहें। इस तरह की घटना होने पर सतर्कता दिखाते हुए तुरंत 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत करें।-वरुण शर्मा, स्टेट साइबर सेल प्रभारी

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