पेंशनर्स के लिए राहत खबर : जल्द कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दिक्कतों का होगा समाधान

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ, अमृत विचार। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने आश्वासन दिया कि पं. दीन दयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों के समाधान के लिए गठित समिति की संस्तुतियों को शीघ्र लागू किया जाएगा। साथ ही पेंशनर्स के आश्रितों की आय सीमा बढ़ाने, तकनीकी परीक्षण के लिए निर्धारित 50 हजार रुपये की सीमा में वृद्धि करने की भी सहमति दी गयी है।अपर मुख्य सचिव, विधानभवन स्थित सभागार में शुक्रवार को संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति, उप्र. के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर रहे थे।

बैठक में प्रदेश के पेंशनर्स एवं उनके आश्रितों से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। बैठक में पेंशनर्स को हर बार अपरिहार्यता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की बाध्यता पर पुनर्विचार तथा एनपीएस के अंतर्गत नियुक्त कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के बाद भी चिकित्सा सुविधा देने पर सहमति व्यक्त की गई।

इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने और विधवा पुत्रवधू को परिवार की श्रेणी में शामिल करने जैसे विषयों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन सभी मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा 25 जनवरी 2025 से पहले की जाए, जिसमें संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के संयोजक एन.पी. त्रिपाठी और सह-संयोजक ओंकार नाथ तिवारी ने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई और इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र सामने आने की उम्मीद है।

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