रामपुर : हंसने-हंसाने से फेफड़ों को मिलती है 6 प्रतिशत अधिक आक्सीजन

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Published By Pradeep Kumar
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चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को दूर करने में लाफ्टर थेरेपी कारगर

रामपुर, अमृत विचार। भागमभाग भरी जिंदगी में हंसी कहकहे गुजरे जमाने की बात सी लगती है हर समय की टेंशन ने लोगों की जिंदगी खराब कर दी है। बातचीत करते समय हम जितनी ऑक्सीजन लेते हैं उससे 6 प्रतिशत अधिक ऑक्सीजन हंसते समय फेफड़ों तक पहुंचती है। इस तरह शरीर को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन मिल जाती है। जिला अस्पताल के चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. डीके वर्मा सिंह बताते हैं कि हंसना जरूरी है तभी तो विश्व हास्य दिवस का आगाज वर्ष 1998 से मुंबई में हुआ।

चेस्ट स्पेशलिस्ट बताते हैं कि इसका श्रेय हास्य योग आंदोलन के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया को जाता है। 11 जनवरी 1998 को पहली बार मुंबई में विश्व हास्य दिवस मनाया गया। हंसने से तन-मन में उत्साह का संचार होता है और दिल से हंसना किसी दवा से कम नहीं है। आजकल जगह-जगह पर हास्य क्लब बनाए जा रहे हैं, ताकि भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव से मुक्ति मिले। हास्य एक तरह का योग भी है, इसे हास्य योग भी कहा जाता है। हंसी से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हास्य सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है जिसमें व्यक्ति को ऊर्जावान और संसार को शांतिपूर्ण बनाने के सभी तत्व उपस्थित रहते हैं। जब व्यक्ति समूह में हंसता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा पूरे क्षेत्र में फैल जाती है और क्षेत्र से नकारात्मक ऊर्जा दूर भागती है। हंसने से आंतरिक भागों की चेहरे की मांसपेशियों को बहुत लाभ होता है। इससे लेक्टिव एसिड दूषित पदार्थ बाहर निकल जाता है।

दूर होती हंसी वापस लाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष हास्य दिवस का आयोजन किया जाता है। इंसान इतना व्यस्त हो गया है कि उसके पास हंसने तक की फुर्सत नहीं है। इसलिए आयुरजीवनम द्वारा हास्य अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। - मोहम्मद अनादिल, ट्रेनर लाफ्टर थेरेपी।

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