डॉक्टर रमीज के एक लैपटॉप का डेटा रिकवर: मिली 15 हिंदू लड़कियों की फाइलें, रिमांड पूरी होने से पहले पुलिस ने जेल में किया दाखिल
लखनऊ, अमृत विचार: जूनियर रेजिडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी केजीएमयू के डॉक्टर रमीज मलिक के एक लैपटॉप से फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने अहम डाटा रिकवर कर लिया है। लैपटॉप में करीब 15 से अधिक हिंदू लड़कियों के नाम से अलग-अलग फाइलें और कई अश्लील वीडियो मिले हैं।
आरोपी रमीज उक्त वीडियो की मदद से ही महिला डॉक्टरों और अन्य को ब्लैकमेल करता था। लैपटाप में महिलाओं ने नाम से बनी फाइल के आधार पर पुलिस अब उनके बारे में जानकारी जुटा रही है कि वह कहां की हैं? पुलिस उनसे भी संपर्क करेगी। अगर वह शिकायत दर्ज कराना चाहेंगी तो पुलिस दर्ज एफआईआर में पीड़िता के तौर पर उनका भी नाम बढ़ाएगी।
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपी रमीज ने पूछताछ में दिल्ली विस्फोट कांड की आरोपी शाहीन उसके भाई परवेज, छांगुर से किसी भी तरह के संपर्क से इंकार किया है। लैपटॉप से डेटा मिलने के बाद चौक पुलिस रमीज के खिलाफ आईटी एक्ट और ब्लैकमेल करने की धाराएं बढ़ाएगी। 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड की मियाद पूरी होने से पहले ही पुलिस ने पूछताछ के बाद मंगलवार देर रात रमीज को जिला कारागार गोसाईगंज में दाखिल कर दिया। रिमांड के दौरान पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी रमीज से कई बिंदुओं पर पूछताछ की थी।
दूसरे लैपटॉप और चार मोबाइलों में छुपे हैं तमाम राज :
फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब दूसरे लैपटाप को जल्द ही खोलकर उसका डेटा रिकवर करेंगे। इसके अलावा रमीज की गिरफ्तारी और रिमांड के दौरान बरामद दो मोबाइल फोन, उसके माता पिता के दो मोबाइलों का डाटा रिकवर किया जाएगा। वहीं, रमीज के सोशल मीडिया अकाउंट की भी छानबीन साइबर क्राइम सेल कर रही है।
नहीं कराया पीड़िताओं का सामना
रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी का दोनों पीड़िताओं से रमीज का आमना सामना नहीं कराया। वजह इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट से अनुमति नहीं ली थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना अभी चल रही है। फरार काजी और निकाहनामा के गवाह की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। अगर जरूरत पड़ी तो पुलिस दोबारा रमीज को रिमांड पर लेगी।
