गंदा पानी पिलाने वाले अधिकारियों पर हो एफआईआर : संजय सिंह
लखनऊ। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को योगी सरकार पर राजधानी लखनऊ में जनता को गंदा पानी पिलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सचिवालय कॉलोनी और उदयगंज जैसे वीआईपी माने जाने वाले इलाकों में हजारों लोग पिछले करीब आठ महीनों से गंदा, बदबूदार और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
उन्होने कहा कि इसके चलते बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं लगातार बीमार पड़ रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायत और अनुरोध के बावजूद न तो साफ पानी की व्यवस्था की जा रही है और न ही नई बोरिंग कराई जा रही है। लखनऊ स्थित उदयगंज इलाके में पहुंचे आप सांसद संजय सिंह ने स्थानीय जनता से सीधे संवाद कर गंदे पानी से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होने कहा कि कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनता की सेहत के साथ किया जा रहा खुला अपराध है, जिसे आम आदमी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
संजय सिंह ने कहा कि लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है, जहां मुख्यमंत्री, मंत्री और बड़े-बड़े अधिकारी रहते हैं। अगर राजधानी के बीचों-बीच सचिवालय कॉलोनी और उदयगंज में जनता को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, तो प्रदेश के गांवों और कस्बों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नलों से आ रहा पानी इतना गंदा है कि उसमें बदबू आती है, कीचड़ और गंदगी साफ दिखाई देती है। मजबूरी में लोग वही पानी पी रहे हैं, जिससे डायरिया, पेट दर्द, उल्टी, बुखार और त्वचा रोग जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
आप सांसद ने कहा कि स्थानीय लोग पिछले कई महीनों से जलकल विभाग, नगर निगम और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। लिखित शिकायतें दी गईं, अधिकारियों से मुलाकात की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। न तो पाइपलाइन बदली गई, न टंकी की सफाई हुई और न ही नई बोरिंग कराई गई। यह सीधे-सीधे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है। संजय सिंह ने कहा कि इंदौर में गंदे पानी से लोगों की जान जाने की घटनाएं पूरे देश ने देखी हैं। उसके बावजूद योगी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार तब तक कार्रवाई नहीं करेगी, जब तक लखनऊ में भी मौतें न होने लगें। क्या जनता की जान की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने कहा कि साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है, कोई एहसान नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार जल जीवन मिशन और स्मार्ट सिटी के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करती है, दूसरी तरफ राजधानी में ही लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। यह भ्रष्टाचार, लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का जीता-जागता सबूत है।
अगर पैसा सही जगह खर्च हुआ होता, तो आज लखनऊ की कॉलोनियों में लोग इस हाल में नहीं होते। संजय सिंह ने मांग की कि सचिवालय कॉलोनी और उदयगंज इलाके में तत्काल प्रभाव से नई बोरिंग कराई जाए, दूषित पाइपलाइनों को बदला जाए और तब तक टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाए, जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता। इसके साथ ही उन्होंने गंदा पानी सप्लाई होने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
