Bareilly: तीन लोगों की मौत के बाद कट रहे पेड़, अब सड़क किनारे खड़े बिजली पोल भी हटेंगे

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। रामपुर रोड समेत शहर में अन्य क्षेत्रों में सड़क किनारे लगे बिजली के पोल और पेड़ को हटाने को लेकर अभियान शुरू कर दिया गया है। वन विभाग ने मंगलवार को रामपुर रोड पर दर्दनाक हादसे का सबब बने पेड़ समेत सड़क किनारे खड़े चार पेड़ों को हटा दिया गया। इसके साथ ही अब बिजली विभाग के ऊपर सड़क किनारे खड़े बिजली के पोलों को शिफ्ट करने का दबाव है। महकमे ने ऐसे पोलों को हटाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है।

जिला रामपुर के कल्याणपुर शहजाद नगर निवासी गोविंद अपने बुआ के बेटे राहुल की शादी में शामिल होने के लिए शनिवार की रात शाही क्षेत्र के मंसूरगंज गांव आए थे। बरात शाही क्षेत्र से करेली करगैना गांव गई थी। बरात से खाना खाकर गोविंद रामपुर लौट रहे थे। किला क्षेत्र में रामपुर रोड पर स्वालेनगर के पास गलत दिशा से आए वाहन से बचने के प्रयास में उनकी कार सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गई थी। 

हादसे में गोविंद की पत्नी मनी, पिता खेमकरण और फूफा की मौत हो गई थी, जबकि गोविंद, उसका 2 साल का बेटा आर्यन और चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दिशा की बैठक में सोमवार को हादसे की गूंज सुनाई पड़ी। बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों ने सड़क किनारे खड़े पेड़ और बिजली के पोलों का मुद्दा उठाया। चौतरफा घिरे वन विभाग ने मंगलवार को सड़क किनारे खड़े पेड़ों को काटकर सड़क साफ की। 

इसके साथ ही वन विभाग अन्य क्षेत्रों में सड़क किनारे खड़े पेड़ों का सर्वे कर रहा है, जिससे उन्हें हटाया जा सके। वन विभाग की सक्रियता के बाद बिजली विभाग के ऊपर बेतरतीब खड़े पोलों को हटाने का दबाव आ गया है। महकमे ने भी सड़क किनारे खड़े बिजली के पोलों का सर्वे शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता नितिन सिंह ने बताया कि सर्वे के बाद सड़क के किनारे लगे पोलों को थोड़ा पीछे शिफ्ट किया जाएगा, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों को दिक्कत न हो और हादसे का खतरा न रहे।
जिला अस्पताल में 18 घंटे गुल रही बिजली, बाधित रहीं स्वास्थ्य सेवाएं

मंगलवार की शाम 6 बजे से गायब हो गई थी बिजली
जिला अस्पताल में बीते 18 घंटे से बिजली सप्लाई ठप होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। मंगलवार शाम करीब 6 बजे से गायब हुई बिजली बुधवार दोपहर तक पूरी तरह से बहाल नहीं हो सकी। अस्पताल प्रशासन फिलहाल जनरेटर के सहारे आवश्यक सेवाएं संचालित कर रहा है। बिजली बाधित होने से बुधवार को पैथोलॉजी जांच, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड सहित कई महत्वपूर्ण जांच सेवाओं पर सीधा असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार, बिजली न होने के कारण एक्सरे और अल्ट्रासाउंड की जांच में लगभग 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कई मरीजों के एक्सरे समय पर नहीं हो सके, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से बिजली विभाग की टीम फॉल्ट तलाशने में जुटी हुई है, लेकिन दोपहर तक खराबी का पता नहीं चल सका था। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नियमित चिकित्सा कार्य प्रभावित होता रहा।

33 केवी की लाइन में मंगलवार की रात फाल्ट हो गया था। रात में ही दूसरी लाइन से जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति को शुरू कर दिया गया था।
नितिन सिंह, अधिशासी अभियंता

अपर निदेशक डॉ. अजय मोहन मंडलीय बिजली विभाग की टीम बिलकुल गलत बोल रही है। रात में फाल्ट हुआ था। जिला महिला अस्पताल की लाइट रात में सही हो गई थी। वहीं जिला अस्पताल की लाइन बुधवार को दोपहर दो बजे के लगभग सही हुई। रही बात एक्सरे की तो हमारी एक मशीन के कनेक्शन में कमी थी। बाकी मशीनें सही काम कर रही थीं।

 

 

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