Bareilly : मंडी परिषद के आदेश जटिल और अव्यवहारिक

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। सिविल लाइंस स्थित होटल में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की आयोजित मासिक बैठक में मंडी परिषद और बैंक प्रबंधन से व्यापारिक मुद्दों पर संवाद किया गया। जिलाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने प्रदेश की मंडियों में प्रोपराइटरशिप फर्म में पार्टनर जोड़े जाने संबंधी आदेशों में उत्पन्न गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों को मंडी और बैंक के वरिष्ठ अफसरों के समक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि मंडी परिषद के आदेश में कई प्रावधान जटिल और अव्यवहारिक हैं। यह ''ईज ऑफ डूइंग बिजनेस'' की सरकारी नीति के ठीक विपरीत हैं। वर्षों से व्यापारियों की यह मांग रही है कि पूंजी निवेश की आवश्यकता होने पर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार या निवेशक को पार्टनर बनाकर व्यापार विस्तार कर सकें। राज्य सरकार ने इसे स्वीकार कर सकारात्मक निर्णय लिया, लेकिन मंडी परिषद के बनाए जटिल नियमों ने व्यवस्था को लगभग निष्प्रभावी बना दिया। 

प्रीमियम अंतर राशि, 5 प्रतिशत अंतरण शुल्क, 51 प्रतिशत अनिवार्य हिस्सेदारी, सर्किल रेट आधारित मूल्य निर्धारण जैसे प्रावधान किसी भी व्यापारी के लिए व्यवहार में संभव नहीं हैं और इस व्यवस्था के चलते प्रदेश की कोई भी प्रोपराइटरशिप फर्म पार्टनरशिप मॉडल में परिवर्तित नहीं हो पाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य क्षेत्रों में पार्टनरशिप के लिए सरकार को कोई शुल्क नहीं दिया जाता है, केवल पूंजी निवेश के आधार पर साझेदारी होती है, जिससे व्यापार का विस्तार होने के साथ राजस्व में वृद्धि होती है। मंडी में भी यही व्यवस्था लागू होने पर राज्य को मंडी शुल्क एवं करों के माध्यम से राजस्व में वृद्धि होगी।

बैठक में मंडी परिसर की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था तथा फल एवं सब्जी मंडियों में एटीएम स्थापना जैसे मुद्दों को भी तत्काल लागू करने की मांग की गई, ताकि व्यापारियों एवं आम उपभोक्ताओं को सुविधा प्राप्त हो सके। बैठक में बैंकिंग मुद्दों पर भी तीखी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में छोटे व्यापारियों के ऋण आवेदन समय से स्वीकृत न होने को गंभीर समस्या बताया गया। व्यापारियों ने कहा कि इससे युवा व व्यापारी वर्ग का मनोबल टूट रहा है। सरकार की सकारात्मक छवि प्रभावित हो रही है। 

अग्रणी बैंक से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश और त्वरित निस्तारण की मांग की गई, ताकि योजना का वास्तविक लाभ लाभार्थियों तक पहुंच सके। मुख्य अतिथि उप निदेशक मंडी प्रशासन एवं सचिव मंडी परिषद संतोष यादव और बैंक ऑफ बड़ौदा के अग्रणी प्रबंधक कृष्ण कुमार शर्मा ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए सकारात्मक रुख अपनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य अतिथियों काे सम्मानित किया। बैठक में महानगर अध्यक्ष कुमार गौरव शर्मा, जिला महामंत्री जसपाल सिंह बग्गा, महानगर महामंत्री अनुज गुप्ता, पंकज अग्रवाल, पारस अग्रवाल, हर्ष खंडेलवाल, राघव खंडेलवाल, आयुष अग्रवाल, हरजीत सिंह, नवनीत सिंह, विशाल गोयल, संजीव मित्तल, अजय खंडेलवाल आदि व्यापारी उपस्थित रहे।

 

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