पहाड़ों पर बर्फ़बारी जारी... जनजीवन हुआ बेहाल, माइनस में पारा; दिल्ली में बारिश के बाद भी हवा जहरीली, कई इलाकों में AQI 300 के पार
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बर्फबारी के एक दिन बाद शनिवार को पूरी कश्मीर घाटी कड़ाके की ठंड की चपेट में रही और दूसरे दिन लगातार इस क्षेत्र का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कटा रहा। गुरुवार रात शुरू हुई हिमपात और बारिश शुक्रवार रात रुक गई थी लेकिन इसका सामान्य जनजीवन पर गहरा असर पड़ा। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रमुख मार्ग अब भी बंद हैं लेकिन श्रीनगर एयरपोर्ट पर मौसम के कारण अस्थायी रूप से बाधित हुई उडान सेवा आंशिक रूप से दोबारा से शुरू हो गई है।
हवाईअड्डा निदेशक जावेद अंजुम ने कहा, "श्रीनगर एयरपोर्ट पर ऑपरेशन फिर से शुरू हो गए हैं और दो विमान यहां उतरे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होते ही परिचालन पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। इससे पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर और खराब मौसम के कारण आज सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द भी करनीं पड़ीं थीं।" हिमपात के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग में सबसे अधिक 1.7 फुट बर्फ दर्ज की गई। इसके अलावा कोकरनाग और पहलगाम में डेढ़-डेढ़ फुट, बटोत में 1.4 फुट, भद्रवाह में एक फुट, बनिहाल में 0.7 फुट और काजीगुंड में 0.3 फुट हिमपात हुआ।
गुरुवार शाम को शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ ने महज दो दिनों में लगभग महीने भर की बारिश के बराबर पानी बरसाया है, जिससे घाटी में लंबे समय से चल रहा सूखे जैसे हालात खत्म हो गए। हिमपात के बाद पूरी घाटी में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि काजीगुंड में यह शून्य से नीचे 4.2 डिग्री रहा। पहलगाम में तापमान गिरकर शून्य से नीचे 7.6 डिग्री, कुपवाड़ा में शून्य से नीचे 4.0 डिग्री और कोकरनाग में शून्य से नीचे 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
गुलमर्ग घाटी का सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 12.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं सोनमर्ग में शून्य से नीचे 10.5 डिग्री रहा। दक्षिण और मध्य कश्मीर के पुलवामा में शून्य से नीचे 3.4 डिग्री और शोपियां में न्यनूतम तापमान शून्य से नीचे 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है लेकिन अगले कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड जारी रहने के आसार हैं। विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि 26 और 27 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकता है। विशेष रूप से 26 की रात और 27 जनवरी को कुछ स्थानों पर गरज और तेज हवाओं के साथ भारी हिमपात होने का अनुमान जताया गया है।
भारी बारिश, बर्फबारी के कारण कालका-शिमला रेल मार्ग बाधित
हिमाचल प्रदेश के शिमला और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी के कारण ऐतिहासिक कालका-शिमला रेल मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और खराब मौसम की वजह से ट्रैक पर भूस्खलन होने के साथ-साथ कई स्थानों पर पेड़ और बड़े पत्थर गिर गए, जिससे ट्रेनों की आवाजाही को लंबे समय तक रोकना पड़ा। रेल अधिकारियों के मुताबिक सनवारा, कुमारहट्टी और जतोग के पास वन क्षेत्रों में मार्ग बाधित होने से दिनभर ट्रेनों की आवाजाही में देरी हुई। इस व्यवधान के कारण तीन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से तीन से चार घंटे की देरी से पहुंचीं।
हिमालयन क्वीन ट्रेन सनवारा के जंगलों में लगभग आधे घंटे तक फंसी रही और अंततः एक घंटे की देरी से शिमला पहुंची। ट्रेनों के देरी से शिमला पहुंचने का असर कालका की ओर जाने वाली सेवाओं पर भी पड़ा। दिन की पहली ट्रेन कालका-शिमला एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय रवाना हुई लेकिन धर्मपुर और कुमारहट्टी के बीच उसे 50 मिनट तक रोकना पड़ा। इसके अलावा कालका से चली शिवालिक एक्सप्रेस को धर्मपुर, बड़ोग और जतोग में बार-बार रुकना पड़ा और यह ट्रेन करीब चार घंटे की देरी से शिमला पहुंची।
शिमला-कालका एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से लगभग साढ़े तीन घंटे की देरी से रवाना हुई। रेलवे के अन्य परिचालन में भी काफी दिक्कतें आयीं। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे बोर्ड द्वारा ट्रेनों के समय में बदलाव भी किया गया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि रेलवे की टीमें ट्रैक को साफ करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए परिचालन संबंधी सभी सावधानियां बरती जा रही हैं।
राजस्थान में बारिश के बाद फिर कड़ाके की सर्दी
राजस्थान में हाल में हुई बारिश के बाद फिर कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और कई इलाके शीतलहर की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार सुबह बताया कि बीते 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अति शीत दिवस और अति शीतलहर दर्ज की गई। इस दौरान भरतपुर समेत कई जगह हल्की बारिश हुई और कई जगह ओले भी गिरे। इसने बताया कि बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान लूणकरणसर में 0.3 डिग्री सेल्सियस, नागौर में 0.5 डिग्री, माउंट आबू में 0.6 डिग्री, फतेहपुर में 2.3 डिग्री, पाली में 2.9 डिग्री, सीकर में 3.2 डिग्री, श्रीगंगानगर में 3.5 डिग्री, सिरोही मे चार डिग्री, जैसलमेर में 4.5 डिग्री और झुंझुनू में 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
शीतलहर की चपेट में कई इलाके
राज्य की राजधानी जयपुर में इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 20.6 डिग्री और 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में सर्दी और बढ़ने की संभावना है। आने वाले एक-दो दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तथा अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
वहीं, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26-27 जनवरी को राज्य के कुछ हिस्सों में सक्रिय होने की संभावना है। इसका अधिकतम प्रभाव 27 जनवरी को रहने की उम्मीद है और राज्य के पश्चिमी व उत्तरी भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बावजूद दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में बरकरार
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को हुई बारिश और तापमान में गिरावट के बावजूद शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'खराब' श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कुछ इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी 'बेहद खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है।
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह दिल्ली का औसत एक्यूआई 'खराब' श्रेणी में रहा, जिसमें सूक्ष्म कणों (पीएम 2.5) की अधिकता देखी गई। चांदनी चौक में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई, जहां एक्यूआई 306 रहा।
इसके अलावा सिरी फोर्ट में 302, वजीरपुर में 297 और आनंद विहार में 291 एक्यूआई दर्ज किया गया। सुबह नौ बजे के करीब द्वारका सेक्टर-8 में 286 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 273 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण तापमान में तो कमी आई है लेकिन प्रदूषण के स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा।
अशोक विहार 282 के एक्यूआई के साथ प्रदूषित रहा, जबकि सोनिया विहार में यह 272 दर्ज किया गया। गौरतलब है कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।
