बाराबंकी : 1.76 लाख मामलों का निस्तारण, 34.79 करोड़ रुपये वसूले
विवाद नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य हो, टकराव नहीं, समन्वय हमारा मार्ग हो : जिला जज
बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिमा श्रीवास्तवा की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोकअदालत में कुल 1 लाख 76 हजार 663 मामलों का निस्तारण किया गया और 34 करोड़ 79 लाख 40 हजार 015 रुपये अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप में वसूले गए। इनमें सिविल कोर्ट के विभिन्न न्यायालयों द्वारा 34,670 वादों का निस्तारण कर 11,84,46,775 रुपये वसूले गए।
प्री-लेटिगेशन स्तर पर वैवाहिक, राजस्व, बैंक और विभिन्न विभागों के 1,41,993 मामलों का निस्तारण कर 22,94,93,239 रुपये वसूले गए। पारिवारिक न्यायालयों ने 197 मामलों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 143 मुकदमों का निस्तारण कर 9,06,72,076 रुपये प्रतिकर राशि के रूप में वसूले गए। सभी मजिस्ट्रेट न्यायालयों ने 32,467 मुकदमों का निस्तारण कर 37,30,570 रुपये वसूले। इसमें सुधा सिंह, सीजेएम बाराबंकी ने सर्वाधिक 10,619 मुकदमों का निस्तारण कर 4,62,100/- रुपये वसूले।

दीवानी न्यायालयों ने 147 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 67 उत्तराधिकार मामले निस्तारित कर 2,39,97,630 रुपये वसूले गए। राजस्व न्यायालयों ने कुल 75,206 वादों का निस्तारण किया और विभिन्न बैंकों ने 2,737 एनपीए खातों का निस्तारण कर 19,60,17,662 रुपये वसूले, जिसमें बैंक ऑफ़ इंडिया ने 1,144 मामलों का निस्तारण किया। पारिवारिक न्यायालय में 48 जोड़ों को एक साथ विदा किया। जोड़ों को माला पहनाई गई और मिठाई वितरित की गई। जनपद न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता का मूल मंत्र संवाद, संवेदनशीलता और सहमति है।
उन्होंने कहा कि विवाद नहीं, समाधान हमारा लक्ष्य हो, टकराव नहीं, समन्वय हमारा मार्ग हो। राष्ट्रीय लोक अदालत के इस आयोजन ने जिले में न्याय को तेज, सुलभ और मानवीय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस दौरान अपर जिला जज/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत श्रीकृष्ण चन्द्र सिंह, सिविल जज शिवानी रावत, अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजकुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चन्द्र त्रिपाठी, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ़ इंडिया सौरभ मौर्या सहित समस्त न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्ता, कर्मचारी उपस्थित रहे।
