संसद भवन में बजट सत्र की शुरुआत: राष्ट्रपति मुर्मू का अभिभाषण, गिनाई देश की उपलब्धियां

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को संसद परिसर में औपचारिक स्वागत किया गया। मुर्मू जब बग्घी में सवार हो कर संसद भवन पहुंचीं तब उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा सरकार द्वारा सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में अपनाए गए 'सेंगोल (राजदंड)' को धारण किए एक अधिकारी ने उनका अभिनंदन किया। 

राष्ट्रपति ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया, जिसके साथ ही बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रीय राजधानी में धुंधभरी सुबह के बीच राष्ट्रपति मुर्मू छह घोड़ों द्वारा खींची जाने वाली पारंपरिक बग्घी में सवार हो कर संसद पहुंचीं। उनके साथ राष्ट्रपति का अश्वारोही अंगरक्षक दल का दस्ता भी था। संसद भवन के लॉन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 

इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री मोदी, लोकसभा अध्यक्ष बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू उन्हें लोकसभा कक्ष तक लेकर गए। राष्ट्रपति के आगमन से पहले, पारंपरिक वेशभूषा पहने लोकसभा के एक वरिष्ठ मार्शल ने 'राजदंड' (सेंगोल) को उसके स्थान से हटाया और ड्रम की थाप के बीच अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जुलूस के रूप में आगे बढ़े। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने संसद भवन के गज द्वार पर राष्ट्रपति का स्वागत किया और 'राजदंड' को श्रद्धापूर्वक धारण किए अधिकारी के नेतृत्व में सभी लोग लोकसभा कक्ष पहुंचे।

सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है तथा 'सबका साथ, सबका विकास' का दृष्टिकोण हर नागरिक के जीवन में बदलाव ला रहा है। उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि पारदर्शिता और ईमानदारी व्यवस्थाओं को मजबूत बना रही है तथा पौने सात लाख करोड़ रुपये प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लोगों तक पहुंचाये गये हैं। मुर्मू ने कहा, ''पिछले 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। 

यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य का मजबूत आधार है।'' उन्होंने कहा कि सरकार के तीसरे कार्यकाल में गरीबों को सशक्त बनाने का अभियान तेज हुआ है। राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है और इसी का नतीजा है कि एक दशक में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। 

मुर्मू ने इस बात का उल्लेख किया कि 2014 तक सिर्फ 25 करोड़ लोगों को ही सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता था, लेकिन आज 95 करोड़ लोगों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटाला से मुक्त प्रशासन देने में सफल रही है जिससे एक-एक पाई भारत के विकास में खर्च हो रही है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरा होने के मौके पर पिछले सत्र में संसद के दोनों सदनों में विशेष चर्चा हुई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद की संयुक्त बैठक में कहा 

मुझे विश्वास है कि संसद, सरकार और नागरिक-तीनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेंगे; हम भारतवासी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधाानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे 

'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत के पराक्रम को दिखाया, सरकार ने संदेश दिया कि किसी भी आतंकवादी हमले पर निर्णायक कार्रवाई की जाएगी 

सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवादी उग्रवाद पर भी निर्णायक कार्रवाई की है; आज माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर केवल 8 जिलों तक सिमट गई है और इनमें भी तीन जिले ही गंभीर रूप से प्रभावित हैं

सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता के रूप में देखती है, इसी भावना के साथ सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की

पिछले 11 वर्षों में अनुसूचित जाति के लाखों छात्रों को 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति दी गई है

यूरोपीय संघ के साथ एफटीए से सेवा और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ अब देश के करीब 95 करोड़ नागरिकों को मिल रहे हैं।

पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन अनाज का उत्पादन किया है, हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है : राष्ट्रपति मुर्मू।

मेरी सरकार दलितों, वंचितों, पिछड़ों और जनजातियों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

यह सरकार सामाजिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। 

यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत की यात्रा का बहुत बड़ा आधार है । 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा एक ऐतिहासिक सफर की शुरुआत है। संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अंतरिक्ष पर्यटन अब भारतीयों की पहुंच में आता जा रहा है। उन्होंने कहा, "शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) तक पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में भारत अपना स्वयं का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।" 

राष्ट्रपति ने कहा कि देश पूरे उत्साह के साथ गगनयान मिशन पर काम कर रहा है। इस दौरान लोकसभा कक्ष में मौजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं ने मेजें थपथपाकर प्रतिक्रिया दी। शुभांशु शुक्ला ने पिछले वर्ष जून-जुलाई में आईएसएस पर 18 दिनों का मिशन पूरा किया था और वह इस कक्षीय प्रयोगशाला तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। इससे पहले वर्ष 1984 में अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट-7 से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। 

राष्ट्रपति ने ग्रामीण क्षेत्र में विकास और रोजगार के लिए 'विकसित भारत-जी राम जी कानून' बनाये जाने का उल्लेख किया, विपक्षी सदस्यों ने विरोध दर्ज कराते हुए हंगामा और नारेबाजी की।

'जी राम जी अधिनियम' से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी, भ्रष्टाचार रुकेगा 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम' की सराहना करते हुए कहा कि इस कानून से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी तथा भ्रष्टाचार एवं लीकेज पर रोक सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि इस अधिनियम से किसान, पशुपालक और मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी। 

राष्ट्रपति ने जैसे ही 'विकसित भारत- जी राम जी अधिनियम' का उल्लेख किया, विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया और इस कानून को वापस लेने की मांग करने लगे। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच राष्ट्रपति ने कहा, ''ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के लिए जी राम जी कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांव में 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा भ्रष्टाचार और लीकेज पर रोक सुनिश्चित होगी।'' मुर्मू ने कहा कि इस योजना से गांव के विकास में नई गति मिलेगी और किसान, पशुपालक तथा मछुआरों के विकास के लिए नई सुविधाएं विकसित होंगी। 

मतभेदों को भुलाकर राष्ट्रहित के विषयों पर एकजुट हों सांसद

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सांसदों का आह्वान किया है कि वे मतभेदों को परे रखते हुए विकसित भारत जैसे राष्ट्र हित के विषयों पर एकजुट होकर देश की प्रगति में योगदान दें। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को यहां बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में लोकतंत्र में मतभेदों को स्वाभाविक बताया लेकिन साथ ही कहा कि कुछ विषय मतभेदों से परे होते हैं इसलिए सभी को राष्ट्र हित से जुड़े इन विषयों पर एकमत होकर राष्ट्र की प्रगति में हिस्सेदारी करनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प, देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी का अभियान, एकता के लिए प्रयास, स्वच्छता जैसे राष्ट्र हित से जुड़े विषयों पर सांसदों को एकमत होने की जरूरत है। " उन्होंने कहा , " विभिन्न मतों, अलग-अलग विचारों के बीच, ये सर्वमान्य है कि राष्ट्र से बड़ा कुछ नहीं। पूज्य महात्मा गांधी, नेहरू जी, बाबा साहेब, सरदार पटेल, जेपी जी, लोहिया जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय, अटल जी, सभी इसी विचार के रहे कि लोकतंत्र में विषयों पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कुछ विषय मतभेदों से परे हैं। विकसित भारत का संकल्प, भारत की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी का अभियान, एकता के लिए प्रयास, स्वच्छता, राष्ट्र से जुड़े ऐसे विषयों पर, सांसदों को एकमत होना ही चाहिए। " 

इस बारे में संविधान की भावना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, " हमारे संविधान की भावना भी यही है। इसलिए मेरा आज आप सभी से आग्रह है, हर सांसद राष्ट्र हित के विषयों पर एकमत होकर, देश की प्रगति का हिस्सा बनकर चर्चा करें, देश की प्रगति में नई ऊर्जा भरें।" श्रीमती मुर्मु ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य किसी एक सरकार या पीढी तक सीमित नहीं है यह एक सतत यात्रा है जिसमें सभी के प्रयास और निरंतरता का महत्व है।

उन्होंने कहा , " देश भविष्य के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है और आज जो निर्णय लिये जा रहे हैं, इनका प्रभाव आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। विकसित भारत का लक्ष्य भी किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। यह एक सतत यात्रा है। इस यात्रा में हम सभी के प्रयास, अनुशासन और निरंतरता का महत्व है। आने वाले समय में देश की प्रगति हमारे सामूहिक संकल्पों से ही होगी।" 

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि संसद, सरकार और नागरिक, तीनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेंगे। उन्होंने कहा, " हम भारतवासी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। सभी देशवासी अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित, राष्ट्र कल्याण में करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर से संदेश -आतंकी हमले का निर्णायक जवाब 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के लिए सेना के शौर्य और पराक्रम की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि इस अभियान के माध्यम से सरकार ने यह कड़ा संदेश दिया है कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। उन्होंने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सिमट गई है तथा वह दिन दूर नहीं जब माओवादी आतंक देश से पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 

सरकार ने कड़ा संदेश दिया कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।'' उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध देश की लड़ाई का हिस्सा है तथा देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है। राष्ट्रपति ने इस बात का उल्लेख भी किया कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंक पर भी निर्णायक कार्रवाई की है। मुर्मू ने कहा, ''वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेल की बड़ी उपलब्धि 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए असम के कामाख्या और पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बीच हाल ही में शुरू की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सराहना की और इसे भारतीय रेल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग की सेवा करने वाली भारतीय रेल 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच चुकी है। उन्होंने दिल्ली और मिजोरम की राजधानी आइजोल के बीच सीधे रेल संपर्क का भी उल्लेख किया, जिसे राजधानी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर शुरू किया गया। 

राष्ट्रपति ने कहा कि जब यह ट्रेन पहली बार आइजोल पहुंची, तो स्थानीय लोगों में दिखी खुशी और उत्साह ने पूरे देश को गर्व और आनंद से भर दिया। भारतीय रेल की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। इनमें दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज, चिनाब पुल और तमिलनाडु का पंबन पुल शामिल हैं। उन्होंने वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत की सराहना करते हुए कहा कि आज देशभर में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क संचालित हो रहा है, जो जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक फैला हुआ है। 

पिछले एक साल में दो हजार से अधिक माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को कहा कि माओवाद के खिलाफ सरकार की नीतियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से पिछले एक साल में करीब दो हजार लोग माओवाद का रास्ता छोड़कर मुख्य धारा में लौटे हैं। श्रीमती मुर्मु ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने 'माओवादी आतंक' पर भी निर्णायक कार्रवाई की है। 

उन्होंने कहा कि वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में डाल दिया था। इसका सबसे अधिक नुकसान युवाओं, आदिवासी और दलितों को हुआ है। उन्होंने कहा, " आज माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सीमित हो गयी है। इनमें भी तीन ही जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। पिछले एक साल में माओवाद से जुड़े लगभग दो हजार लोगों ने आत्मसमर्पण किया है।"

महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढकर राष्ट्र की प्रगति में भागीदारी कर रही हैं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के कारण प्रत्येक क्षेत्र में देश की महिलाओं ने तेजी से प्रगति की है और महिला सशक्तिकरण की योजना लखपति दीदी की लाभार्थियों की संख्या दो करोड़ से अधिक हो गयी है तथा इसे जल्दी ही तीन करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 

श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा , "मेरी सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप देश के प्रत्येक महत्वाकांक्षी क्षेत्र में महिलाओं ने तीव्र प्रगति की है। 

देश में खेलों का हो रहा अभूतपूर्व विकास

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि देश के युवाओं और सरकार के साझा प्रयासों से देश में खेलों का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, " भारत के युवाओं और मेरी सरकार के साझा प्रयासों से देश में खेलों का भी अभूतपूर्व विकास हो रहा है। जिस प्रकार हमारी बेटियों का और हमारे दिव्यांग साथियों का प्रदर्शन रहा है, वह शानदार है। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व कप जीता है। 

इसी प्रकार ब्लाइंड वीमेन क्रिकेट टीम ने भी वर्ल्ड कप जीता। मैं अपनी बेटियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती हूं। " उन्होंने कहा कि बीते दशक में भारत में खेल से जुड़ी हर व्यवस्था में सुधार किये गये हैं। मेरी सरकार ने खेलो भारत नीति बनायी है और खेलों से जुड़ी संस्थाओं को पारदर्शी बनाया है। हमारी तैयारियों और आत्मविश्वास का परिणाम है कि भारत को 2030 कामनवेल्थ खेलों की मेजबानी का दायित्व दिया गया है।

देश की सुरक्षा सुदृढ करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर काम कर रही है सरकार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुुर्मु ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत के सशस्त्र बलों के शौर्य को देखा है और सरकार देश की सुरक्षा सुदृढ करने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा है। मुर्मु ने बुधवार को यहां संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत न किसी को डराता है और न ही किसी से डरता है।

सिंधु जल समझौते को स्थगित किया जाना भी आतंकवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई का हिस्सा है। देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मिशन सुदर्शन चक्र पर भी काम हो रहा है।" मुर्मु ने कहा कि सरकार देश को हर क्षेत्र और विशेष रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास कर रही है। 

देश में कृषि उत्पादन बढ़ रहा है तेजी से

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार की सही नीतियों और प्रयासों से आज देश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संत तिरुवल्लुवर ने कृषि का महत्व समझाते हुए कहा था कि समाज के लोग चाहे जिस भी काम से जुड़े हों, हर व्यक्ति का जीवन एक मेहनती किसान के परिश्रम पर निर्भर होता है। इसीलिए सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत की पहली प्राथमिकता के रूप में देखती है। 

इसी भावना के साथ सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजना को शुरू किया था। अब तक इस योजना से किसानों को चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा, "सरकार की सही नीतियों और प्रयासों से आज देश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न और बागवानी की फसलों में रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। सरकार उन फसलों का भी उत्पादन बढ़ाने के लिए काम कर रही है, जिसमें अभी तक हमारा कृषि क्षेत्र पीछे था। सरकार की मंशा है कि इससे कृषि उत्पादों का आयात भी कम हो। 

वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया राष्ट्रीय शिक्षा नीति 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, "आज तकनीक तेजी से बदल रही है। इसके कारण नौकरियों का नेचर भी तेजी से बदलता जा रहा है इसीलिए,राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है।" उन्होंने कहा, "आज स्कूल के स्तर से ही, बच्चों में तकनीक और नवाचार का माइंडसेट बनाया जा रहा है। 

इसमें अटल इनोवेशन मिशन प्रभावी काम कर रहा है। अभी तक देशभर में एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अटल टिंकरिंग लैब्स का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के माध्यम से भी रिसर्च और डेवलपमेंट के कल्चर को गति मिल रही है।" राष्ट्रपति ने कहा कि देश के आईटीआई नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए एक हजार आईटीआई को फ्यूचर रेडी बनाया जा रहा है। 

युवा मन में दिख रहा सकारात्मक बदलाव 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि आज युवा मन में एक और सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं और वह आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अपनी जिम्मेदारी मान रहा है। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा, "आज भारत के युवा मन में हम एक और सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। 

देश का युवा आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी और मेक इन इंडिया को अपनी जिम्मेदारी मान रहा है। मुद्रा योजना जैसे प्रयास इन युवाओं में उद्यमिता और स्वरोजगार की भावना को बढ़ावा दे रहे हैं। इस स्कीम के तहत, अभी तक 38 लाख करोड़ रुपए से अधिक का फंड, छोटे-छोटे उद्यमियों को मिला है। करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक लोन पहली बार स्वरोजगार शुरू करने के लिए दिए गए हैं।'' उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत देश के 20 लाख से अधिक कारीगरों को प्रशिक्षण और बैंक से मदद दी जा रही है

सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त प्रणाली बनाने में सफल हो रही है 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त एक प्रणाली बनाने में सफल हो रही है, जिससे हर एक रुपये का उपयोग देश के विकास और कल्याण में हो रहा है। राष्ट्रपति ने यह बात संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कही। मुर्मू ने कहा कि आज भारत आधुनिक अवसंरचना में अभूतपूर्व निवेश कर रहा है तथा भूमि, जल और वायु में देश की तेजी से प्रगति अब वैश्विक चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने कहा, "मेरी सरकार भ्रष्टाचार और घोटालों से मुक्त प्रणाली बनाने में सफल हो रही है।" 

श्रीमती मुर्मु ने कहा कि चिप के अलावा सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों पर भी मिशन मोड पर काम शुरू किया है। राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल्स मिशन से जरूरी खनिजों के लिए विदेशों पर निर्भरता को कम की जा रही है। देश में जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में भारत समुद्री व्यापार की एक महाशक्ति हुआ करता था लेकिन गुलामी के बाद दशकों की उपेक्षा के कारण देश का 95 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों पर होता है। इस पर हर वर्ष छह लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होता है।

'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के रास्ते पर सरकार, लोगों की आय बढ़ी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में हाल में किये गये सुधारों, नयी श्रम संहिताओं और कम महंगाई दर का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के रास्ते पर अग्रसर है। श्रीमती मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 साल में देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत हुई है। 

विभिन्न वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। महंगाई दर को कम रखने का रिकॉर्ड और बेहतर हुआ है जिसका इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है। उन्होंने कहा, "सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।" 

यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार संधि पर सहमति के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने इसे भारत के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को गति देने वाला "ऐतिहासिक कदम" बताया और कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नये अवसर पैदा होंगे। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि सरकार 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' के पथ पर चल रही है और पुराने नियमों तथा प्रावधानों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से निरंतर बदला जा रहा है। 

भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद दुनिया में तेज वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि दुनिया में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत, विश्व में तेज वृद्धि हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। राष्ट्रपति ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन, दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ''देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है। दुनिया में अनेक प्रकार के संकटों के बावजूद भारत दुनिया की तेज वृद्धि वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।'' 

उल्लेखनीय है कि देश की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष 2025-26 की जुलाई-सितंबर तिमाही में अनुमान से अधिक 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी जो पिछले डेढ़ साल में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, ''भारत ने महंगाई दर को कम रखने के अपने रिकॉर्ड को और बेहतर किया है। इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है।'' 

राष्ट्रपति ने कहा, ''सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है।'' उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम, भारत में विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र को गति देगा। भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर खोलेगा। 

भारत स्वदेशी स्पेस स्टेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) की सफल यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए यह ऐतिहासिक छलांग है और इससे देश अपने स्वदेशी स्पेस स्टेशन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब स्पेस टूरिज्म के भी करीब पहुंच रहा है। उन्होंने एक्सिओम-4 मिशन के तहत आईएसएस की यात्रा करने वाले शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि शुभांशु शुक्ला का इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचना एक ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत है। 

इंडिया' गठबंधन के नेताओं ने बजट सत्र के लिए रणनीति पर चर्चा की 

विपक्षी गठबंधन 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) के कई घटक दलों के नेताओं ने बुधवार को संसद के बजट सत्र की रणनीति को लेकर चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कार्यालय में हुई बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश, द्रमुक नेता टी आर बालू, समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान और कुछ अन्य दलों के नेता शामिल हुए। 

सूत्रों का कहना है कि विपक्षी दल मनरेगा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), विदेश नीति और कुछ अन्य विषय उठाएंगे तथा सरकार से जवाब मांगेंगे। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। केंद्रीय बजट एक फरवरी (रविवार) को पेश किया जाएगा।

सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। इसी चरण में केंद्रीय बजट पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सदन की बैठक दोबारा नौ मार्च को शुरू होगी और इस दूसरे चरण की समाप्ति के लिए दो अप्रैल की तारीख निर्धारित की गई है। 

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