Bareilly : बरेली टियर-टू शहर, तैयार होंगे कारपोरेट मित्र, युवाओं को मिलेगा नौकरी का बेहतर मंच
बरेली, अमृत विचार। इस बार का बजट बरेली के युवाओं के लिए भी फायदेमंद है। बजट में शामिल किया गया है कि टियर टू शहर में आईसीएआई, आईसीएसआई, आईसीएमएआई जैसे व्यवसायिक संस्थानों द्वारा अल्पकालिक, खंडित (माड्यूलर) पाठ्यक्रम और व्यावहारिक साधन विकसित किए जाएंगे, इसमें सबसे मुख्य बात यह है कि बरेली शहर टियर टू शहर की श्रेणी में पहले से शामिल है।
सीए बनने की योग्यता तय करने, परीक्षा लेने और लाइसेंस देने के अलावा लागत और प्रबंधन लेखांकन पेशे को बढ़ावा देने के साथ कंपनी सेक्रेटरी पेशे को भी विनियमित और विकसित करने की सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है। कारपोरेट मित्र भी तैयार किए जा सकेंगे।
केंद्रीय बजट में टियर टू और टियर थ्री शहरों के लिए आईसीएआई (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया), आईसीएसआई (इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया) और आईसीएमएआई (दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) जैसे व्यवसायिक संस्थानों की ओर से अल्पकालिक, माड्यूलर पाठ्यक्रम और व्यावहारिक साधन विकसित कर कारपोरेट मित्र का एक प्रशिक्षित समूह तैयार करने का प्रावधान शामिल किया गया है।
इसमें बताया गया है कि इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया एक ऐसी संस्था है, जो भारत में चार्टर्ड एकाउंटेंसी पेशे को नियंत्रित कर सीए बनने की योग्यता तय करती है। संस्था कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत काम करती है। दि इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया एक व्यावसायिक संस्थान है, जो लागत और प्रबंधन लेखांकन के पेशे को बढ़ावा देने के साथ लागत प्रबंधन और वित्तीय विश्लेषण में प्रशिक्षण और प्रमाणन प्रदान करता है।
राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लागत लेखाकारों के लिए नियम और मानक निर्धारित करती है, ताकि व्यावसायिक निर्णय लेने में मदद मिल सके। इन व्यवसायिक संस्थानों की ओर से जो प्रयास बरेली में किए जाएंगे, उससे युवा पीढ़ी को काफी लाभ मिलेगा। युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी के स्रोत खुलेंगे और उन्हें नौकरी के लिए बड़े शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। बरेली में ही उन्हें नौकरी का बेहतर मंच मिलने की उम्मीदें बढ़ गयी हैं।
