संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत
प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को मंगलवार को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। आलम के पिता की शिकायत पर ही तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने नौ जनवरी को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी समेत कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नवंबर, 2024 हिंसा के दौरान कथित तौर पर गोली चलाने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मोहम्मद आलम को 25 फरवरी, 2026 तक के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की और राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। आलम के खिलाफ संभल के एक पुलिस थाना में बीएनएस की धारा 191(3) (घातक हथियार से दंगा), धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), धारा 121 (सरकारी कर्मचारी को हतोत्साहित करने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
यद्यपि याचिकाकर्ता के पिता ने सीजेएम की अदालत के समक्ष दलील दी थी कि उनका बेटा बिना उकसावे के पुलिस गोलीबारी का शिकार हुआ, राज्य सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील दी कि आलम को पुलिस गोलीबारी में कोई गोली नहीं लगी। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आलम निर्दोष है और उसे गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। उसके खिलाफ अपराध का कोई मामला नहीं बनता और शुरुआती प्राथमिकी में वह नामजद नहीं था।
यह दलील भी दी गई कि याचिकाकर्ता को इस कथित घटना में गोली लगी जिसका इलाज किया गया। वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता मुकदमे के दौरान सहयोग करेगा और जब भी जरूरत पड़ेगी, वह जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कुछ मोहलत मांगी।
