Bareilly : 22 करोड़ जीएसटी बकाया पर बरेली प्लाईबोर्ड फैक्ट्री कुर्क, पहले भी हुए थे सर्वे और छापेमारी

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। राज्य कर विभाग की टीम ने टैक्स चोरी और बकाया वसूली के खिलाफ अब खुलकर सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में विभाग की टीम ने परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित बरेली प्लाईबोर्ड प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को कुर्क कर दिया। इस फैक्ट्री पर वस्तु एवं सेवा कर के करीब 22 करोड़ रुपये लंबे समय से बकाया थे। कार्रवाई संयुक्त आयुक्त केके गुप्ता के निर्देशन में की गई, जिसमें उप आयुक्त डीके सिंह, सहायक आयुक्त गौरव सिंह और अविरल मुद्गल शामिल रहे।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, फर्म ने कर भुगतान से बचने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से पारित आदेशों का भी पालन नहीं किया गया। कई नोटिस और अवसर दिए जाने के बावजूद कर जमा न किए जाने पर विभाग ने अंततः रिकवरी की कड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को जब्त कर लिया। इधर, बताया यह भी जा रहा है कि इस प्लाइवुड फैक्ट्री पर पूर्व में भी जीएसटी विभाग की ओर से कई बार सर्वे और जांच की गई थी, लेकिन, राजनीतिक पहुंच की वजह से फर्म पर आंच नहीं आ सकी थी। इस फैक्ट्री से तैयार माल यूपी और उत्तराखंड के अलावा देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जाता था।

अधिकारी बताते हैं कि कारोबार बड़े स्तर पर होने के बावजूद कर अदायगी में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी। मंगलवार को फैक्ट्री कुर्क करने की कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अन्य कारोबारियों में भी हलचल देखी जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य कर विभाग ने जिले के अन्य बकायेदारों को साफ संदेश दे दिया है कि अब किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन व्यापारियों और औद्योगिक इकाइयों पर जीएसटी बकाया है, वे तत्काल कर जमा कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ भी कुर्की, सीलिंग और रिकवरी जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्लाइबोर्ड फैक्ट्री के बाद अब बड़े व्यापारियों की बारी

बरेली प्लाइबोर्ड फैक्ट्री पर हुई बड़ी कार्रवाई के बाद अब जीएसटी विभाग की निगाह जिले के अन्य बड़े बकायेदार व्यापारियों पर टिक गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार टैक्स चोरी, फर्जी बिलिंग और करोड़ों रुपये के बकाया कर से जुड़े मामलों में कई प्रभावशाली उद्यमी जांच के दायरे में हैं। बताया जा रहा है कि जीएसटी विभाग ने संदिग्ध फर्मों की विस्तृत सूची तैयार कर ली है और उनके लेन-देन, इनपुट टैक्स क्रेडिट और रिटर्न फाइलिंग की तकनीकी जांच तेज कर दी गई है। दस्तावेजों के सत्यापन के साथ बैंक ट्रांजेक्शन और ई-वे बिल का मिलान भी किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कार्रवाई की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है। किसी भी दिन बरेली समेत आसपास के औद्योगिक और कारोबारी इलाकों में छापेमारी, कुर्की और सीलिंग जैसी सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है। इस सख्ती से व्यापारिक जगत में खलबली मची हुई है।

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