Lucknow News: 20 सूत्री मांगों पर राज्य कर्मचारियों ने किया विधानसभा कूच, पुलिस से हुई नोंकझोंक
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जुलाई में करेगा बड़े आंदोलन का ऐलान
लखनऊ, अमृत विचार : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी के नेतृत्व में मंगलवार को कर्मचारियों ने सरोजनी नायडू पार्क में धरना-प्रदर्शन करके 20 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा। प्रदर्शन में विभिन्न जनपदों से बसों एवं ट्रेन से लगभग 5000 से अधिक कर्मचारी पहुंचे थे। विधानसभा की तरफ कूच करते हुए कर्मचारियों को हिंदी भवन के पास पुलिस ने मजबूत बैरिकेटिंग करके रोक दिया। इस बीच कर्मचारियों की पुलिस कर्मियों से नोंकझोंक हो गई।
अध्यक्ष ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह धरना-प्रदर्शन आंदोलन का आखिरी पड़ाव नहीं है। इसके माध्यम से सरकार को यह कड़ा संदेश देना है कि कर्मचारी अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा तथा कोरे आश्वासन के भरोसे चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल से प्रत्येक मंडल एवं प्रत्येक जनपद में पदयात्रा मार्च निकाला जाएगा, जिसमें कर्मचारियों को एक और बड़े आंदोलन के लिए तैयार किया जाएगा। जुलाई में संयुक्त परिषद का अधिवेशन होगा तथा अधिवेशन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद बड़े आंदोलन का ऐलान करेगी।
प्रदर्शन में आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन एवं अखिल भारतीय आशा कल्याण समिति, आशा हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन, नगरीय परिवहन संविदा कर्मचारी संयुक्त परिषद, समाज कल्याण एवं जनजाति विकास विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य, खाद्य रसद, व्यवसायिक शिक्षा, लोक निर्माण, शिक्षा, सिंचाई सहित दर्जनों विभागों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
ये हैं मुख्य मांगें
मुख्य मांगों में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरा जाना, समय से पदोन्नति करना, पुरानी पेंशन बहाली, आउटसोर्स कर्मियों को न्यूनतम मानदेय देना, 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों एवं शिक्षकों को नियमित करना, आशा बहुओं को न्यूनतम 18000 रुपये मानदेय और राज्य कर्मचारी घोषित करना, 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, आशाओं का अभ्युदय कार्ड बनाना, परिवहन निगम का निजीकरण रोकना, मृतक आश्रित की भर्ती करना, 2001 तक नियुक्त संविदा कर्मियों को नियमित करना शामिल हैं।
