बोध कथा: अवसर और विवेक
एक साधारण-सा व्यक्ति अपनी रोज़मर्रा की राह पर चला जा रहा था। दिन ढलने को था, धूप मद्धिम पड़ चुकी थी। तभी रास्ते में उसे एक गंभीर, तेजस्वी व्यक्तित्व वाला पुरुष दिखाई दिया। उसके चेहरे पर अद्भुत शांति और आंखों में गहराई थी। उस अजनबी ने थके स्वर में पानी माँगा। व्यक्ति ने बिना कोई प्रश्न किए, बिना यह सोचे कि सामने कौन है, अपनी लोटा आगे बढ़ा दी और उसकी प्यास बुझाई। पानी पीते ही उस पुरुष का स्वर बदल गया। उसने कहा, “वत्स, तुम मुझे पहचान नहीं सके, पर मैं यमराज हूँ। आज मैं तुम्हारे प्राण लेने आया था। किंतु तुम्हारे इस निस्वार्थ कर्म ने मुझे तुम्हें एक अवसर देने के लिए बाध्य कर दिया है।”
यह कहकर यमराज ने उसे एक डायरी थमाई और बोले, “इसमें जो कुछ भी तुम लिखोगे, वही सत्य हो जाएगा। किंतु ध्यान रहे, तुम्हारे पास केवल पाँच मिनट हैं।” व्यक्ति का मन उत्सुकता और लोभ से भर उठा। उसने जल्दी-जल्दी डायरी के पन्ने पलटने शुरू किए। पहले पृष्ठ पर लिखा था कि उसका पड़ोसी लॉटरी जीतकर करोड़पति बनने वाला है। यह पढ़ते ही उसके मन में ईर्ष्या जाग उठी। उसने तुरंत लिख दिया कि पड़ोसी की लॉटरी न निकले।
अगले पन्ने पर लिखा था कि उसका मित्र चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है। उसे यह भी सहन न हुआ। उसने लिख दिया कि वह चुनाव हार जाए। इसी तरह वह एक के बाद एक पन्ने पलटता गया और हर जगह दूसरों के उज्ज्वल भविष्य को अंधकार में बदलता चला गया। समय का ध्यान ही नहीं रहा। अंततः जब उसने अंतिम पन्ना पलटा, तो वहाँ उसका स्वयं का नाम लिखा था। उसका हृदय धड़क उठा। जैसे ही उसने अपनी किस्मत लिखने के लिए कलम उठाई, यमराज ने डायरी उसके हाथ से ले ली। यमराज गंभीर स्वर में बोले, “वत्स, तुम्हारा समय समाप्त हो चुका है। तुम्हें जो शक्ति अपने जीवन को संवारने के लिए दी गई थी, उसे तुमने दूसरों का अहित करने में व्यर्थ कर दिया।
जिसने अपने अवसर का दुरुपयोग किया, वह स्वयं अपने विनाश का कारण बनता है। अब तुम्हारा अंत निश्चित है।” यह सुनते ही व्यक्ति का सिर लज्जा और पश्चाताप से झुक गया। उसकी आंखों से आंसू बहने लगे, किंतु अब समय लौटकर नहीं आ सकता था। यह कथा हमें सिखाती है कि ईश्वर द्वारा दिया गया समय, शक्ति और अवसर अत्यंत मूल्यवान होते हैं। जो व्यक्ति दूसरों के कल्याण में उन्हें लगाता है, वही सच्चे अर्थों में सुखी और धन्य होता है। दूसरों का बुरा सोचने वाला अंततः स्वयं ही अपना भविष्य बिगाड़ लेता है।
