अधिवक्ता हत्याकांड: सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग पर अड़े वकील
रामपुर, अमृत विचार। अधिवक्ता फारुख हत्याकांड के विरोध में वकील शुक्रवार को भारी संख्या में सड़कों पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर से मुख्य मार्ग होते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क तक पैदल मार्च निकाला। पांच करोड़ मुआवजे के साथ वकील सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को निलंबित करने की मांग पर अड़ गए। मामले को लेकर अधिवक्ता और जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन में ठन गई है।
शुक्रवार दोपहर करीब 11 बजे अधिवक्ता कलेक्ट्रेट में एकत्रित हुए और उसके बाद नारेबाजी करते हुए आंबेडकर पार्क की ओर चल पड़े। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने नारेबाजी करते हुए घटना पर आक्रोश जताया और न्याय की मांग करते हुए जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जिला व पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा और लगातार अधिकारी प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए रहे। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। सैकड़ों पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने सुरक्षा घेरा बनाकर व्यवस्था को नियंत्रित रखा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी ने सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर संजीव कुमार को हटाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है। अधिवक्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग करते हुए मृतक के परिजनों को पांच करोड़ रुपये के मुआवजा, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लेकिन थाना सिविल लाइंस को हटाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। अधिवक्ताओं ने बताया कि वो शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। फारुख हत्याकांड के बाद से जिले में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
दोपहर करीब एक बजे से शाम 6 बजे तक प्रदर्शन चलता रहा, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन को दो दिन के लिए स्थगित कर दिया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी ने बताया कि सोमवार को जीरो प्वाइंट पर दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर प्रदर्शन किया जाएगा। जब तक सिविल लाइंस इंस्पेक्टर को नहीं हटाया जाएगा धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन तक चलता रहेगा।
प्रदर्शन में कानपुर, गाजियाबाद, बरेली, मुरादाबाद सहित कई जिलों के वकील शामिल हुए। बार काउंसिल उप्र के सदस्य भी शामिल हुए। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, कोषाध्यक्ष संजीव यादव, उपाध्यक्ष अब्दुल खालिक, उपाध्यक्ष मोहम्मद अकरम, उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह, उपाध्यक्ष मुरताज अली, संयुक्त सचिव सोहनलाल, पूर्व बार अध्यक्ष बार अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू, पूर्व बार अध्यक्ष श्यामलाल सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
घंटों धरना स्थल पर मौजूद रहे डीएम व एसपी
अधिवक्ताओं का प्रदर्शन करीब 6 घंटे तक चला। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक विद्या सागर मिश्र वकीलों से वार्ता करते रहे। लेकिन घंटों तक वार्ता बेनतीजा रही। दोनों अधिकारी लगातार आपस में मामले को लेकर वार्ता करते रहे। मामले में उच्चाधिकारी भी अपडेट लेते रहे। अधिकारियों ने बताया कि अधिवक्ताओं की जायज मांग पूरी की जाएगी।
मुख्यारोपी को भेजा जेल, घर पर चल सकता है बुलडोजर
अधिवक्ता फारुख की हत्या करने वाला आरोपी बाबू शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। आरोपी का पुलिस कस्टडी में मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं जिला प्रशासन आरोपी के घर पर बुलडोजर चला सकता है। गांव तहव्वुर पटवाई थाना क्षेत्र में आरोपी असगर अली का मकान है। जहां जिला प्रशासन ने टीमों को लगा दिया गया है। घर में अनियमितता पाई गई तो प्रशासन आरोपी के घर पर बुलडोजर चला सकता है।
