दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण: शराब सही निकली...अब प्लास्टिक की बोतल पर टिकी नजर, मौत का राज खुलने की आस

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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रुद्रपुर/खटीमा, अमृत विचार। खटीमा के कंजाबाग के रहने वाले दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण में जहां आबकारी विभाग को बड़ी राहत मिली है। वहीं अब दो मौतों के राज से पर्दा उठाने के लिए खटीमा पुलिस की एसआईटी प्लास्टिक बोतल जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। कारण घटना के वक्त घटनास्थल पर पड़ी प्लास्टिक की बोतल से तेज कैमिकलयुक्त गंध आ रही थी। पुलिस का मानना है कि शायद गलतफहमी के कारण केमिकल युक्त बोतल में शराब डालकर पीने से दो मौत हुई है।

बताते चलें कि 5 फरवरी की रात्रि को खटीमा पुलिस को खबर मिली थी कि जहरीली अधिकृत विदेशी शराब पीने से दिल्लु व मलकीत की मौत हुई है, जबकि प्रवेश मौर्य की हालत नाजुक बनी हुई है। उस वक्त खटीमा पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया तो मौके से दो 8 पीएम ब्लैक के क्वाटर और नजदीक पड़ी प्लास्टिक की बोतल भी बरामद हुई थी। बोतल में कैमिकलयुक्त तेज गंध आ रही थी। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया और जांच का आदेश दिया था।

अब एसआईटी यह जानने का प्रयास कर रही थी कि कैमिकलयुक्त शराब थी या फिर शराब में पानी समझकर केमिकल मिलाकर पीया था। प्रकरण में यह तो साफ है कि जिस प्रकार शराब में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं पाई गई तो दिल्लु व मलकीत की मौत केमिकल पीने से हुई होगी। जिसकी पुष्टि तभी हो पाएगी जब एसआईटी को कैमिकलयुक्त बोतल की जांच रिपोर्ट सामने आएगी। कारण घटना के वक्त पुलिस ने बोतल को जांच के लिए भेज दिया था।

तो क्या पेस्टीसाइड दुकान की थी बोतल
रुद्रपुर। जहरीली शराब पीने की चर्चा को लेकर यह भी माना जा रहा है कि जिस सरकारी ठेके से तीनों दोस्तों ने शराब खरीदी थी। उस वक्त उसी ब्रांड का एक क्वाटर पीने के बाद दोस्त ने दूसरे स्थान पर जाकर दूसरा क्वाटर खोला था। चर्चा यह है कि जिस स्थान पर दोस्त शराब पार्टी कर रहे थे। उसके नजदीक पेस्टिसाइड दवाओं की दुकान भी है। आशंका है कि दोस्तों ने सफेदनुमा प्लास्टिक की बोतल में पानी होने की गलतफहमी के कारण केमिकल डालकर शराब पी ली होगी। संबंधित दुकान फर्म स्वामी से एसआईटी पूछताछ कर चुकी है।

एसआईटी में शामिल है कई तेज तर्रार दरोगा
रुद्रपुर। 5 फरवरी को घटित घटना के बाद फौरन सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी, निरीक्षक थाना झनकईया देवेंद्र गौरव, दरोगा किशोर पंत, दरोगा होशियार सिंह के अलावा मुख्य आरक्षी संजय कुमार, सिपाही नवीन खोलिया, आरक्षी मोहम्मद इशाक को एसआईटी में शामिल किया गया है। एसआईटी की प्रारंभिक तफ्तीश में यह भी पाया कि मृतक दिल्लु व मलकीत के मुंह से केमिकल की गंध आ रही थी, जबकि प्रवेश द्वारा शराब पीने से इंकार कर दिया था। जिस कारण शायद उसकी जान बच गई।

सीओ, खटीमा भूपेंद्र सिंह धोनी ने बताया कि 5 फरवरी को दिल्लु व मलकीत मौत प्रकरण में एसआईटी अपनी जांच कर रही है। घटनास्थल से बरामद विदेशी शराब की खाली बोतल और केमिकल युक्त प्लास्टिक बोतल को जांच के लिए भेजा गया है। चश्मदीदों से हुई पूछताछ में मामला हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद वास्तविक पुष्टि होगी। इसके लिए शीघ्र ही जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के प्रयास जारी है।

 

 

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