महाशिवरात्रि : हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, कनखल में जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें 

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Published By Anjali Singh
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हरिद्वार। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तराखंड के हरिद्वार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला , विशेष रूप से भगवान शिव की ससुराल मानी जाने वाली कनखल में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए घंटों कतारों में खड़े दिखाई दिए।

महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी आस्था के साथ हजारों भक्त दक्षेश्वर प्रजापति महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जल, बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित कर मनोकामना पूर्ण होने की कामना कर रहे हैं। 

मान्यता है कि कनखल स्थित इस प्राचीन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। मंदिर के पीठाधीश्वर महंत रविन्द्र पुरी महाराज ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि फाल्गुन मास की यह रात्रि साधना, जागरण और शिव अभिषेक का सर्वोत्तम समय है। उन्होंने बताया कि श्रद्धा और भाव से किया गया पूजन व्यक्ति की सभी इच्छाओं को पूर्ण करता है तथा भस्म और त्रिपुंड धारण करना शिव आराधना का विशेष प्रतीक है। 

श्रद्धालुओं का कहना है कि दक्षेश्वर महादेव में जलाभिषेक करने से मन को शांति मिलती है और जीवन के कष्टों से मुक्ति का अनुभव होता है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ देशभर से भक्त यहां दर्शन और पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्राधिकारी संजय चौहान ने बताया कि तड़के तीन बजे से ही पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और मंदिर परिसर से लेकर मार्गों तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

पीएसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं। भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक उल्लास के बीच कनखल की पावन धरती पर महाशिवरात्रि का उत्सव पूरे श्रद्धा भाव के साथ मनाया जा रहा है। जलाभिषेक के साथ "हर हर महादेव" के जयघोष से वातावरण शिवमय बना हुआ है।

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