हरदोई में 70 लाख की चोरी का खुलासा, मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दो बदमाशों को दबोचा
हरदोई। उत्तर प्रदेश में हरदोई जिले के कोतवाली क्षेत्र में लाखों की चोरी कर फरार हुए दो शातिर लुटेरे सोमवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गए। पांच दिन पहले सिंचाई विभाग के प्रशासनिक अधिकारी सुनील जौहरी के बंद पड़े मकान में ज्वेलरी और नकदी पार करने वाले इन बदमाशों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया।
मुठभेड़ के दौरान दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यह बदमाश नोएडा में भी कई आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुके है। इनमे से एक बिहार का तो दूसरा हमीरपुर जिले का रहने वाला है। एक बदमाश पहले भी आगरा में व्यापारी पर जानलेवा हमला कर कार लूट के मामले में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो चुका है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के आजाद नगर में 17-18 फरवरी की रात वारदात को अंजाम दिया गया था।सिंचाई विभाग में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर तैनात सुनील जौहरी परिवार समेत बाहर गए थे, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने पहले दिन में रेकी की और फिर रात में ताला तोड़कर लाखों का माल साफ कर दिया।

मामले के खुलासे में जुटी पुलिस को बीती रात मुखबिर के जरिये दो बदमाशों के बाइक से आने की सूचना मिलने पर बावन रोड बाईपास पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी अभियान के दौरान बाइक सवार ने पुलिस टीम को देखकर वापस जाने की कोशिश तो तो पुलिस ने दोनों संदिग्धों को रोकने का इशारा किया लेकिन रुकने की बजाय यह दोनों भाग निकले।
जिसके बाद पुलिस टीम ने इनकी घेराबंदी की तो खुद को घिरता देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में बिहार के मोतिहारी निवासी कमरुद्दीन और हमीरपुर के धीरेंद्र सिंह उर्फ धीरज घायल हो गए।
पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो अवैध .315 बोर तमंचे, चार खोखा, दो जिंदा कारतूस, चोरी की ज्वेलरी, लैपटॉप, मोबाइल, नकदी और बाइक बरामद की है। दोनों के खिलाफ नोएडा, आगरा समेत कई जिलों में लूट,डकैती और आर्म्स एक्ट के संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है।
चोरी के अलावा गैर इरादतन हत्या का भी दर्ज हैं केस
पुलिस के मुताबिक उसकी पकड़ में आए धीरेंद्र सिंह उर्फ धीरज के खिलाफ आगरा और गौतमबुद्ध नगर में अलग-अलग 9 केस दर्ज है, जिनमें चोरी, माल बरामदगी, आर्म्स व एनडीपीएस एक्ट के अलावा गैर इरादतन हत्या का भी केस शामिल है।
